SHARE की विशेषता और फायदे

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SHARE की विशेषता और फायदे,

दोस्तों, शेयर्स के बारे में कुछ और जानकारी के साथ आज हम SHARE या STOCK के बारे में कुछ विशेष बाते और इसके फायदे तथा नुकसान के बारे में भी बात करेंगे, तो आइये देखे BENEFITS OF SHARE

दोस्तों, हम SHARE की विशेषता, फायदे और नुकसान को, कंपनी और शेयर खरीदने वाले यानी निवेशक दोनों की नजर से देखेंगे,

निवेशक की नजर से – शेयर के  चार  सबसे बड़े फायदे 

  1. लाभ में हिस्सा -(DIVIDEND का लाभ) – कंपनी जितना अधिक लाभ कमाती है, उसके शेयर धारक को उसी अनुपात में लाभ के रूप में लाभांश (DIVIDEND) देती है.इस तरह एक निवेशक को शेयर्स से मिलने वाला सबसे बड़ा लाभ , कंपनी द्वारा , कंपनी के द्वारा लाभ में दिया जाने वाला हिस्सा यां लाभांश है.
  2. सबसे अधिक लाभ वाला INVESTMENT -(HIGH RATE OF RETURN) –ये समय के साथ साबित हो चूका है कि, किसी भी अन्य INVESTMENT की तुलना में STOCK MARKET यानी SHARE में INVESTMENT से सबसे अधिक लाभ होता है, और ये लाभ कंपनी के लाभ बढ़ने के साथ बढ़ता रहता है, शेयर्स पर लाभ की कोई अधिकतम सीमा नहीं है, जबकि निवेश के अन्य विक्ल्पो जैसे – FIXED DEPOSIT में लाभ के रूप में मिलने वाला व्याज दर हमेशा FIXED रहता है.
  3. CONTROL IN OWNERSHIP- (स्वामित्व पे नियंत्रण) – किसी भी कंपनी का शेयर धारक ही वास्तव में उस कंपनी का मालिक होता है, और कंपनी के नियम के अनुसार शेयर धारक को कंपनी के MANAGEMENT में भाग लेने का अधिकार प्राप्त होता है, इस तरह आप कंपनी में अपने स्वामित्व पर भी नियंत्रण रख पते है .
  4.   शेयर्स की कीमत बढ़ने पर उसे बेच कर लाभ कमाना – (Earning on Selling the Share after Value Growth)  –  कंपनी को जैसे जैसे आगे बढती है, विकास (Grow) करती है, तो Company के शेयर्स के भाव बढ़ जाते है, और शेयर धारक जब चाहे अपने शेयर्स बेचकर बढे हुए भाव के रूप में ढेर सारा लाभ कमा सकता है.   

निवेशक की नजर से – शेयर के  कुछ नुकसान 

  1. लाभ में अनिश्चितता (Uncertainty of Dividend) – SHARES पे लाभ की कोई सीमा नहीं होता यानी आपको लाभ मिलेगा ही मिलेगा ये निश्चित नहीं होता, कंपनी अगर लाभ कमा रही है तो ही आपको  MANAGEMENT के फैसलों के अनुसार लाभांश मिलेगा, वरना लाभ होने के बावजूद कंपनी का मैनेजमेंट अगर लाभ का इस्तेमाल कंपनी के बिज़नस को और बढ़ाने में लगाना चाहता है, तो भी हमें लाभांश नहीं मिलता, और अगर कंपनी LOSS कर रही है तो हमें लाभांश मिलने का कोई प्रश्न ही नहीं होता.
  2. स्वम्तिव का विस्तार – ये सही है कि कंपनी के शेयर धारक कंपनी के स्वामी होते है, लेकिन जैसे जैसे शेयर धारक बढ़ते जाते है, वैसे वैसे कंपनी के स्वामित्व का विस्तार होता जाता है, और फिर कंपनी के वही लोग MANAGEMENT सँभालते है, जिनके पास शेयर्स की ज्यादा से ज्यादा मात्र होती है, और छोटे शेयर धारको का सिर्फ कहने मात्र का स्वामित्व पे नियन्त्रण होता है.
  3. पूंजी के नुकसान का डर – (RISK OF LOOSING CAPITAL ) – SHARE में निवेश करने में निवेशक का सबसे बड़ा डर , कंपनी द्वारा लाभ की जगह लोस करने की दशा में CAPITAL LOSS होने का सबसे बड़ा डर होता है, अगर अचानक से कंपनी के शेयर्स के भाव किसी भी वजह से गिरते है, तो इस से हमारे CAPITAL के मूल्य में कमी आती है, और हमें इस तरह अपनी पूंजी के ऊपर होने वाले नुकसान का डर हमेशा बना रहता है.

    कंपनी की नजर से – शेयर के  चार  सबसे बड़े फायदे 

    1. PERMANENT source of capital – shares कंपनी के लिए PERMANENT source of capitalहोता है, कंपनी को शेयर से मिलने वाला कैपिटल वापस नहीं करना होता , जब तक कंपनी चलती है तब तक कंपनी उस शेयर से मिलने वाली पूंजी का इस्तेमाल कर सकती है, इसलिए इसे PERMANENT source of capital  कहा जाता है ,अगर कंपनी किसी भी अन्य तरीके से- जैसे -बैंक लोन या प्राइवेट फाइनेंस से पैसे लेती है, तो कंपनी को एक निश्चित समय बाद, फंड को वापस करना पड़ता है.

    2. ब्याज का कोई बोझ नहींकंपनी को शेयर से मिलने वाले कैपिटल पर किसी तरह का कोई व्याज नहीं देना होता है, और इस तरह कंपनी के ऊपर व्याज का कोई अतिरिक्त बोझ नहीं रहता,  जिससे कंपनी बिना व्याज चुकाए ज्यादा से ज्यादा लाभ कमा सकती है, अगर कंपनी किसी भी अन्य तरीके से जैसे बैंक या प्राइवेट फंड से पैसे लेती है तो, उसे उन  पैसों पर ब्याज देना होता है, जिससे कंपनी के लाभ कमाने की क्षमता पर असर पड़ता है, जबकि शेयर से मिलने वाले पूंजी कंपनी जब तक चाहे इस्तेमाल कर सकती है,

    3. सम्पति बंधक का बोझ नहीं –  कंपनी अगर प्राइवेट फाइनेंस या बैंक से लोन लेती है, तो उसे अपनी कुछ प्रॉपर्टी को मोरगेज के रूप में बैंक के पास गिरवी रखना पड़ता है, और इस तरह कंपनी के प्रॉपर्टी पर बैंक या  प्राइवेट फाइनेंस का का एक दबाव रहता रहता है, जबकि शेयर से जो पूंजी मिलती हैं, तो कंपनी को किसी तरह का कोई मोरगेज नहीं रखना पड़ता है,

    4. कम्पनी की विस्वश्नियता भी बढ़ जाती हैपब्लिक लिमिटेड कंपनी पे ज्यादा विश्वाश किया जाता है, क्योकि उसे अपने सारे सौदे और हिसाब किताब को पब्लिक के साथ शेयर करना पड़ता है.

आशा है, आप समझ पाए होंगे, BENEFITS OF SHARE और शेयर की विसेश्ताओ के बारे में .

http://sharemarkethindi.com/

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