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CLOSE ENDED MUTUAL FUND

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CLOSE ENDED MUTUAL FUND

CLOSE ENDED MUTUAL FUND – आज के इस टॉपिक में हम CLOSE ENDED MUTUAL FUND के बारे में जानेगे, क्लोज एंडेड म्यूच्यूअल फण्ड क्या होता है? CLOSE ENDED MUTUAL FUND की खास बाते क्या है और क्लोज एंडेड फण्ड में निवेश के क्या क्या फायदे है?

कोई भी MUTUAL FUND, अपनी संरचना (Structure) और MATURITY PERIOD के हिसाब से दो प्रकार के होते है-

  1. OPEN ENDED MUTUAL FUND
  2. CLOSE ENDED MUTUAL FUND

इस से पहले हमने ओपन एंडेड म्यूच्यूअल फण्ड के बारे में बात की थी, इस टॉपिक में क्लोज एंडेड फण्ड के बारे में बात करेंगे,

क्लोज एंडेड म्यूच्यूअल फण्ड क्या होता है ?

जब किसी म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने के लिए समय सीमा और उसकी कुल UNIT, म्यूच्यूअल फण्ड के नए ऑफर में पहले से तय होती है, वैसे म्यूच्यूअल फण्ड को CLOSE ENDED MUTUAL FUND (क्लोज एंडेड म्यूच्यूअल फण्ड) कहा जाता है,

CLOSE ENDED MUTUAL FUND जैसा कि नाम से ही स्पस्ट है कि, इस तरह के म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश की समय सीमा पहले से FIXED होती है, और उस समय सीमा के बाद इस तरह के म्यूच्यूअल फण्ड  DIRECT निवेश के लिए बंद यानी CLOSE हो जाते है,

आम तौर पर जब कोई कंपनी CLOSE ENDED MUTUAL FUND स्कीम LAUNCH करती है, तो  वह इसे NFO (NEW FUND OFFER) द्वारा ही निवेशको से पैसे लेती है, NFO मे जैसे ही MUTUAL FUND की सभी UNIT निवेशको द्वारा खरीद लिए जाते है, वह म्यूच्यूअल फण्ड, किसी नए निवेशक के DIRECT निवेश के लिए बंद हो जाता है,

CLOSE ENDED MUTUAL FUND में, म्यूच्यूअल फण्ड कंपनी को, नए UNIT जारी करने पर प्रतिबन्ध होता है, और साथ ही इस म्यूच्यूअल फण्ड में एक निश्चित समय के लिए निवेश किया जाता है,

CLOSED ENDED MUTUAL FUND कैसे काम करता है?

  1. म्यूच्यूअल फण्ड कंपनी CLOSE ENDED FUND स्कीम बनाती है,
  2. CLOSE END FUND में पहले से तय राशी को UNIT PRICE में बाट कर UNIT बना दिया जाता है,
  3. फिर,निवेशको को NEW FUND OFFER के जरिये, UNIT खरीदने और उस क्लोज एंड फण्ड में निवेश करने का ऑफर दिया जाता है,
  4. और जैसे ही सभी UNIT निवेशको द्वारा खरीद लिए जाते है, वह FUND OFFER क्लोज हो जाता है,
  5. और क्लोज़ एंडेड फण्ड को म्यूच्यूअल फण्ड कम्पनी, फण्ड के ऑब्जेक्टिव (उद्देश्य) को ध्यान में रखते हुए निवेश करती है, और जो भी लाभ कमाती है, उसे यूनिट में बाट दिया जाता है,
  6. इस तरह क्लोज एंडेड फण्ड के NAV में बदलाव आता रहता है,

CLOSE ENDED MUTUAL FUND की खास बाते

आइये क्लोज एंडेड फण्ड की कुछ विशेषताओ और उसके खास बातो पर नजर डालते है –

  1. क्लोज एंडेड फण्ड में नए निवेशक की DIRECT ENTRY पर प्रतिबन्ध होता है.
  2. क्लोज एंडेड फंड के यूनिट सिर्फ एनएफओ के तौर पर जारी किए जाते हैं.
  3. CLOSE ENDED FUND की एक FIXED पहले से तय MATURITY TIME भी होता है,
  4. CLOSE एंडेड फंड्स में UNIT की संख्या FIXED होती है, और उसके परफॉरमेंस के अनुसार उसकी NAV बढ़ने की आशा में निवेशक उसे स्टॉक एक्सचेंज से खरीद सकते है,
  5. CLOSE ENDED फण्ड में उसके UNIT की खरीद और विक्री म्यूच्यूअल फण्ड की मार्केट वैल्यू या उसके NAV पर होती है, और म्यूच्यूअल फण्ड कंपनी इस बात को पहले से स्पस्ट कर देती है,
  6. CLOSE ENDED FUND के UNITS स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड के लिए भी उपलब्ध होते है, और निवेशक अपने यूनिट को म्यूच्यूअल फण्ड की शर्तो के अनुसार स्टॉक एक्सचेंज पर किसी दुसरे निवेशक को बेच सकते है,
  7. क्लोज़ एंडेड फंड्स अगर स्टॉक मार्केट से ख़रीदे जाते है, तो उसे वापस स्टॉक मार्केट पे ही बेचा जा सकता है, या निवेशक को उसकी MATURITY पूरी होने तक WAIT करना पड़ता है,
  8. CLOSE ENDED FUND को कंपनी MATURITY TIME से पहले BUY BACK स्कीम पे खरीदने या REDEEM करने का ऑफर भी निवेशक को दे सकता है,

CLOSE ENDED MUTUAL FUND में निवेश के फायदे

आइये अब क्लोज एंडेड म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश के फायदों पर नजर डालते है-

  1. स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड – क्लोज एंडेड म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश का सबसे बड़ा फायदा ये होता है कि, क्लोज एंडेड फण्ड में यूनिट की संख्या निश्चित होने के कारण उसकी ट्रेडिंग पॉसिबल हो जाती है,
  2. मार्केट प्राइस पर बेचने का विकल्प – क्लोज एंडेड म्यूच्यूअल फण्ड में स्टॉक मार्केट में ट्रेड होने के कारण, निवेशक अपने क्लोज एंडेड म्यूच्यूअल फण्ड को स्टॉक मार्केट पर MARKET PRICE पर बेच सकता है,
  1. NAV PRICE और MARKET PRICE –क्लोज एंडेड म्यूच्यूअल फण्ड में NAV WEEKLY UPDATE हो सकता है, जबकि मार्केट में ट्रेड होने के कारण क्लोज एंडेड म्यूच्यूअल फण्ड की खरीद और विक्री मार्केट प्राइस पर भी होती है,

CLOSE ENDED MUTUAL FUND SUMMARY

  1.  CLOSE ENDED FUND के UNIT सिर्फ NFO (New Fund Offer) द्वारा इशू किए जाते हैं.
  2. निवेशक इस तरह के म्यूच्यूअल फण्ड में New Fund Offer के समय ही निवेश कर सकते हैं.
  3. CLOSE ENDED FUND ये यूनिट एक निश्चित अवधि के लिए होते हैं. इस तरह आप इसमें एक निश्चित समय के लिए पैसे लगाते हैं और इस निश्चित समय से पहले क्लोज एंडेड फण्ड से पैसे नहीं निकाल सकते.
  4. इस तरह अगर आप क्लोज एंडेड फण्ड की Maturity Period पूरी होने से पहले, अपने पैसे निकालना चाहते हैं, तो आपको स्टॉक/शेयर की तरह ही, म्यूच्यूअल फण्ड के यूनिट को भी स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड की मदद से खरीद और बेच सकते हैं.

Final Words:

CLOSE ENDED फण्ड में निवेश करते समय हमें इस बात को ध्यान में रखना चाहिए कि-

  1. LOCK IN PERIOD – क्लोज एंडेड फण्ड की सभी शर्ते क्या है, कितने समय तक फण्ड को REDEEM नहीं किया जा सकता,
  2. REDEEM PROCESS – दूसरी ध्यान रखने वाली बात ये है कि उस म्यूच्यूअल फण्ड को REDEEM करने का क्या PROCESS है.
  3. और इस तरह अगर क्लोज एंडेड फण्ड आपकी अपनी निवेश की आवश्यकताओ को पूरा करता है, तो आप निवेश कर सकते है,

दोस्तों, अगर आर्टिकल अच्छा लगा, तो नीचे अपना कमेंट या सवाल जरुर लिखे,

आर्टिकल पढने के लिए आपका धन्यवाद

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MUTUAL FUND – हिंदी गाइड पार्ट -1 

 History of Mutual Fund  हिंदी गाइड पार्ट -2

म्यूच्यूअल फण्ड के फायदे – हिंदी गाइड पार्ट -3

 म्यूच्यूअल फण्ड कैसे बनाया जाता है- हिंदी गाइड पार्ट -4

म्यूच्यूअल फण्ड में NAV क्या होता है ? हिंदी गाइड पार्ट -5

Types of Mutual Fund- हिंदी गाइड पार्ट 6

म्यूच्यूअल फण्ड में जमा पैसा कैसे निकाले,– हिंदी गाइड पार्ट 7

One Response

  1. javed akhtar July 21, 2018

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