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Compound Interest क्या है?

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Compound Interest

Compound interest क्या है? दोस्तों, आज के इस टॉपिक में जानेंगे कि compound interest के क्या-क्या फायदे और क्या इस्तेमाल है? और साथ ही समझेंगे कि Simple Interest और compound interest में क्या फर्क है? और compound interest कैसे calculate किया जाता है?

Compound Interest क्या है?

आपने interest (इंटरेस्ट) या व्याज के बारे में जरुर सुना होगा,

“व्याज(Interest) को धन के इस्तेमाल (Use of Money) के लिए दिया जाने वाला, “किराया” या “फीस” (Rent या Fees) कहा जाता है,

धन को इस्तेमाल करने के लिए देने वाला “व्याज” लेता है, और धन का इस्तेमाल करने वाला, यानी धन लेने वाला  “व्याज” देता है, और व्याज को प्रतिशत के रूप में,समय के साथ  निश्चित किया जाता है”

जैसे –

बैंक द्वारा, लोगो को लोन के रूप में दिया जाने वाला पैसा – BANK LOAN ,

अब यहाँ बैंक ने लोन के रूप में अपने ग्राहक को “पैसा” दे रही है, और इस पैसे के इस्तेमाल के बदले में वो ग्राहक से व्याज लेगी और ग्राहक व्याज देगा, व्याज को प्रतिशत के रूप में पहले ही तय कर दिया जाता है, जैसे 15% वार्षिक दर, या 10 % वार्षिक दर,

 

व्याज (इंटरेस्ट) दो प्रकार का होता है –

1. (Simple Interest) सिंपल इंटरेस्ट –

जब दिए गए लोन, या लिए गए लोन (LOAN) पर “एक निश्चित समय के अन्तराल” (TIME) में व्याज की दर (Rate of Interest) या रकम (Amount) फिक्स्ड हो,

जैसे – 10,000 रूपये के लोन पर हर महीने फिक्स्ड 2% का व्याज,

यहाँ 10 हजार रूपये को प्रिंसिपल (मूलधन) कहा जायेगा, और उस फिक्स्ड Principal पर 2 % व्याज की गणना की जाएगी,

“आम तौर पर जहा सिर्फ व्याज  या व्याज की दर, लिखा होता है, वहा simple interest की बात हो रही होती है”

2.Compound interest (कंपाउंड इंटरेस्ट)

कंपाउंड इंटरेस्ट में, प्रिंसिपल अमाउंट, हर समयावधि में बदलता रहता है, और पुराने Principal Amount में उस समय के व्याज को जोड़ दिया जाता है,

और वापस इस नयी धनराशी (मूलधन + व्याज ) पर पहले से तय दर व्याज निकाला जाता है,

और ये सिलसिला आगे भी चलता रहता है,

जैसे – 10 हजार रूपए पर 2 % कंपाउंड इंटरेस्ट का मतलब,

पहले महीने 10 हजार रूपये जो की Prinicipal amount है, उस पर 2 % व्याज निकाला जायेगा, जो होगा 200 रूपये,

इस के बाद दुसरे महीने में नया प्रिंसिपल अमाउंट होगा –

Principal Amount + Interest = New Principal Amount.

(10000 +200) = 10,200 और अब दुसरे महीने नए प्रिंसिपल अमाउंट पर 2% व्याज निकाला जायेगा – जो होगा 204 रूपये,

और अब तीसरे महीने का प्रिंसिपल अमाउंट होगा 10200 + 204 = 10404

और अब तीसरे महीने इस नए प्रिंसिपल अमाउंट पर 2% व्याज निकाला जायेगा,

और इस तरह ये सिलसिला चलता रहेगा,

 

Compound Interest, दो शब्दों से मिलकर बनता है, Compound+Interest

आइये पहले, इन दोनों शब्दों का अर्थ समझते है, ताकि हम Compound Interest को और बेहतर तरीके से समझ सके,

Compound का हिंदी अर्थ है – चक्र्ब्रिधि या मिश्रित, और चक्र का मतलब है समय, यानि समय के साथ जब प्रिंसिपल अमाउंट में बदलाव आता रहे,

या कहे समय के साथ जब पुराने प्रिंसिपल अमाउंट में नया व्याज मिर्श्रित होता रहे, उसे कहते है Compounding.

 

और Interest का अर्थ है – ब्याज, व्याज क्या होता है, ये भी हम समझ गए

इस तरह कहा जा सकता है कि,

कंपाउंड इंटरेस्ट, व्याज निकालने की एक ऐसा तकनीक है, जिसमे व्याज निकलने के लिए, पुराने प्रिंसिपल अमाउंट में पुराने व्याज को जोड़ कर नया प्रिंसिपल अमाउंट निकाला जाता है, और उस पर साधारण व्याज की तरह व्याज निकाला जाता है,

और अगली समयावधि में, निकाले गए व्याज और प्रिंसिपल अमाउंट को जोड़ कर, वापस एक नया प्रिंसिपल अमाउंट बन जाता है, और अब वापस उस नए प्रिंसिपल अमाउंट पर व्याज निकाला जाता है,

और ये सिलसिला चलता रहता है,

Compound Interest के क्या क्या फायदे और इस्तेमाल

व्याज लेने वाले को फायदा –

  1. कंपाउंड इंटरेस्ट का सबसे बड़ा फायदा ये है कि, इसमें व्याज की राशी हमेशा बदलती और बढती रहती है, और इस कारण व्याज लेने वाले को ज्यादा लाभ मिलता है,
  2. Compound interest में प्रिंसिपल के ऊपर व्याज तो मिलता ही है, जो व्याज मिलता है , उसके ऊपर भी व्याज का लाभ मिलता है,

compound इंटरेस्ट का इस्तेमाल

  1. compound interest के बेहतर इस्तेमाल से काफी सारा धन बनाया जा सकता है,और गवांया भी जा सकता है, अगर आप कंपाउंड इंटरेस्ट लेने वाले है तो आपको धन का लाभ मिलता है, और अगर आप compound interest चुकाने वाले है तो आपको धन का नुकसान उठाना पड़ता है,
  2. कंपाउंड इंटरेस्ट का इस्तेमाल क्रेडिट कार्ड कंपनी करती है,
  3. और कई अलग अलग बैंक अपने द्वारा दिए जाने वाले लोन पर कंपाउंड इंटरेस्ट से व्याज लेते है,

 Simple Interest और Compound Interest में क्या फर्क

  1. सिंपल इंटरेस्ट में व्याज की राशी हर समयावधि में निश्चित होती है, जबकि कंपाउंड इंटरेस्ट में व्याज की राशी बदलती रहती है,

ध्यान रहे, व्याज की दर नहीं बदलती, सिर्फ प्रिंसिपल अमाउंट बदल जाने से व्याज की राशी बदल जाती है,

  1. सिंपल इंटरेस्ट में मूलधन राशी (Principal Amount) हर समयावधि में निश्चित रहता है, जबकि कंपाउंड इंटरेस्ट में मूलधन राशी (Principal Amount) बदलती रहती है,
  2. सिंपल इंटरेस्ट की गणना काफी आसान होती है, जबकि कंपाउंड इंटरेस्ट की गणना थोड़ी कठिन होती है,
  3. किसी तरह का कर्ज, लोन, उधार देने वाले को Simple Interest की अपेक्षा Compound Interest में ज्यादा लाभ होता है,

 Compound Interest कैसे Calculate किया जाता है?

साधारण ब्याज कैलकुलेशन

साधारण ब्याज = (मूलधन x समय x दर) / 100

चक्रवृद्धि ब्याज –Compound Interest कैलकुलेशन

चक्रवृद्धि ब्याज की गणना के लिये निम्नलिखित सूत्र प्रयुक्त होता है:

A= P(1+r/n)(nt)    

इस सूत्र में –

P = मूलधन (प्रारम्भ में लिया/दिया/जमा किया गया धन)

r = ब्याज की वार्षिक दर (दस प्रतिशत ब्याज दर के लिये r=०.१०)

n = एक वर्ष में कुल ब्याज-चक्रों की संख्या

t = कुल समय (वर्ष में)

A = t समय बाद मिश्रधन

 

ध्यान दे, इस सूत्र से हमें A के रूप में वो धनराशी मिलती है, जो compound interest को मिलाकर बनती है, साथ ही समझने वाली बात ये है कि अगर हमें सिर्फ कंपाउंड इंटरेस्ट चाहिए तो,

Principal Amount को A (यानि, Annually compound Amount –मिश्रधन) से घटाना पड़ेगा

उदाहरण : रू 10,000 किसी बैंक में जमा किया गया, जहा  ब्याज की वार्षिक दर 20 % है और ब्याज हर तीसरे महीने जोड़ा जाता है। 5 वर्ष बाद कुल कितनी राशि हो जायेगी?

उपरोक्त सूत्र का प्रयोग करने के लिये, P = 10000 , r = 20/100 = 0.2, n = 4, एवं t = 5

अतः 5 वर्ष बाद मिश्रधन होगा = 26532.98

और अगर सिर्फ कंपाउंड interest की गणना करनी हो तो

Compound Interest = A- P

=26532.98-10,000= 16532.98

 

COMPOUND INTEREST CALCULATION का आसान तरीका –

आप अपने SMARTPHONE से COMPOUND INTEREST या तो किसी COMPOUND INTEREST CALCULATOR की हेल्प से कर सकते है,

या आप खुद कैलकुलेटर का इस्तेमाल करके compound interest की गणना कर सकते है,

ऊपर बताये गए compound interest के formula को इस प्रकार लिखना होगा –

A= P(1+R/N)^NT

Example : Calculation of compound interest

10000 रूपये को 20% वार्षिक कंपाउंड इंटरेस्ट की डर से 5 साल का compound interest

A=10000(1+0.2/4)^4×5)

और इसे इस प्रकार हल करना होगा –

A=10000(1+0.05)^20)

A=10000 X (1.05)^20)

A=10000 X 2.65329 =26532.9

ये हुआ हमारा मिश्रधन,

अब कंपाउंड इंटरेस्ट निकलने के लिए = A – P (26532.9-10000)=16532.9 RS.


पॉवर ऑफ़ COMPOUNDING

अगर पोस्ट अच्छा लगा तो नीचे अपना कमेंट या सवाल जरुर लिखे,

 

5 Comments

  1. Pingback: POWER OF COMPOUNDING - Share Market Hindi January 8, 2018
  2. mo.nasim May 2, 2018
    • Deepak Kumar May 3, 2018
  3. dushyant kumar May 10, 2018
    • Deepak Kumar May 10, 2018
  4. dushyant kumar May 10, 2018

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