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History of Mutual fund in India-Part 2

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भारत में म्यूच्यूअल फण्ड का इतिहास,

History of Mutual fund – म्यूच्यूअल फण्ड की शुरुआत, सत्रहवी सदी के अंत में यूरोप में हो गई थी, लेकिन भारत Mutual fund की शुरुआत आजादी के बाद, सन 1963 में भारत सरकार और RBI (रिज़र्व बैंक of इंडिया) के संयुक्त प्रयास से UTI (Unit Trust of India) की स्थापना के साथ शुरू हुई.

इस तरह से भारत में म्यूच्यूअल फण्ड की शुरुआत को 1963 के बाद आज लगभग 55 साल हो चुके है, और इस 55 साल के लम्बे समय में म्यूच्यूअल फण्ड किस तरह से विकसित हुआ, इसके बारे में आज हम History of mutual fund के इस टॉपिक में समझने वाले है,

Objective of Starting Mutual Fund

History of Mutual fund जानने से पहले एक और सवाल जो मन में आता है – आखिर, RBI और भारत सरकार द्वारा भारत में Mutual fund शुरू करने पीछे मुख्य कारण क्या था?

तो दोस्तों, Mutual fund शुरू करने के पीछे भारत सरकार और RBI का मुख्य उद्देश्य था कि, आम जनता के पैसे को स्टॉक मार्केट इन्वेस्टमेंट में लगा कर आर्थिक विकास को तेज किया जा सके,

म्यूच्यूअल फण्ड की शुरुआत से, आम जनता, जिसके पास निवेश करने के लिए रकम कम मात्रा में होती है, और आम जनता को स्टॉक मार्केट इन्वेस्टमेंट की बहुत कम जानकारी और सुविधाए हुआ करती है,

ऐसे म्यूच्यूअल फण्ड की मदद से, आम जनता जिनकी संख्या करोडो में है, उन से छोटे छोटे निवेश के रूप में पैसे इकठ्ठा करके उसे एक साथ स्टॉक मार्केट इन्वेस्टमेंट किया जा सकता था,

और इस तरह जहा एक तरफ, आम जनता को MUTUAL FUND की हेल्प से स्टॉक मार्केट इन्वेस्टमेंट का लाभ मिलता था, और दूसरी तरफ कंपनीयो को व्यापर बढ़ाने के लिए ज्यादा मात्रा में पूंजी मिलने वाली थी,

और इस तरह भारत की आर्थिक विकास की गति को बढ़ाने के उद्देशय (Objective) से भारत में म्यूच्यूअल फण्ड की शुरुआत की गई,

 History of Mutual Fund in India

भारत में म्यूच्यूअल फण्ड के इतिहास को चार भागो में बाटा जा सकता है,

पहला भाग – 1964 से 1987

दूसरा भाग – 1987 से 1993

तीसरा भाग – 1993 से 2003

चौथा भाग – 2003 के बाद

आइये इन चारो भागो की हम थोड़ी डिटेल में समझने की कोशिश करते है,

पहला भाग – 1963 से 1987- UTI की स्थापना और विकास

Unit Trust of India (UTI) जो भारत का पहला म्यूच्यूअल फण्ड है, उसकी स्थापना पार्लियामेंट एक्ट के द्वारा वर्ष 1963 में किया गया,

UTI द्वारा पहला म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम वर्ष 1964 में आया, जिसका नाम था Unit Scheme 1964, इसके बाद 1970 से1980 के बीच UTI ने अलग अलग निवेशको को उनकी जरुरत के हिसाब, काफी सारे दुसरे स्कीम भी शुरू की,

जिसमे प्रुख था, Unit Linked Insurance Plan (ULIP),

ध्यान देने वाली बात ये है कि UTI के पास म्यूच्यूअल फण्ड निवेशको द्वारा जमा रकम जो 1984 में

600 करोड़ थी, वो 1987-88 तक लगभग 10 गुना से भी ज्यादा बढ़कर 6700 करोड़ हो चूका था,

 

दूसरा भाग – 1987 से 1993, – पब्लिक सेक्टर बैंक का म्यूच्यूअल फण्ड में प्रवेश

वर्ष 1987 तक भारत में UTI अकेला म्यूच्यूअल फण्ड संसथान , लेकिन इसी साल भारत सरकार ने पब्लिक सेक्टर बैंक को भी म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम लाने की अनुमति दी,

और इस तरह म्यूच्यूअल फण्ड में अलग अलग बहुत सारे बैंक और संस्थाओ ने म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम लाया, जिनमे सबसे प्रमुख बैंक और संस्थाए है –

  • Insurance Corporation of India (LIC)
  • General Insurance Corporation of India (GIC)
  • SBI Mutual Fund
  • Can bank Mutual Fund (Dec 1987),
  • Punjab National Bank Mutual Fund (Aug 1989)
  • Indian Bank Mutual Fund (Nov 89)
  • Bank of India (Jun 1990)

इस तरह 1987 के बाद अलग अलग म्यूच्यूअल फण्ड संस्थाओ के पास निवेशको का कुल जमा 6700 से बढ़कर 1993 तक 47000 करोड़ से ऊपर जा चूका था.

 

तीसरा भाग – 1993 से 2003- MUTUAL FUND का प्राइवेट सेक्टर का प्रवेश

HISTORY of MUTUAL FUND की अगर बात की जाये तो, वर्ष 1993 में, भारत में म्यूच्यूअल फण्ड का एक नया युग शुरू हुआ,

क्योकि इस से पहले सभी म्यूच्यूअल संस्था UTI के UNDER काम कर रहे थे, लेकिन

1993 में भारत में SEBI की स्थपाना हुई, और SEBI की स्थापना के बाद अब सभी संस्थाओ को SEBI के नियमो का पालन करना था,

SEBI द्वारा म्यूच्यूअल फण्ड संस्थाओ को ORGANISED तरीके से विकास और नियमन के उद्देश्य से MUTUAL FUND REGULATION 1993 लाया गया,

और प्राइवेट सेक्टर के संस्थाओ को भी म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम लाने की अनुमति मिल गई,

1993 के इस अधिनयम में दुबारा संशोधन हुआ और बाद में 1996 में MUTUAL FUND REGULATION 1996 आया,

अगर म्यूच्यूअल फण्ड संस्थानों के कारोबार की बात करे तो वर्ष 2003 के अंत तक कुल 33 म्यूच्यूअल फण्ड संस्थाए काम कर रही थी, जिनका कारोबार 1 लाख 22 हजार करोड़ से भी ऊपर हो चूका था,

 चौथा भाग – 2003 के बाद

वर्ष 2003 में UTI को दो भागो में कर दिया गया, एक भाग जो भारत सरकार के UNDER काम कर रही थी, जिसकी कुल राशी लगभग  30 हजार करोड़ थी,

और दूसरा भाग SBI, PNB,BOB द्वारा चलाया जा रहा था, जिसकी कुल राशी 76 हजार करोड़ के उपर जा चुकी थी,

और इस तरह म्यूच्यूअल फण्ड संस्थाओ द्वारा किये जाने वाले प्रमोशन और जागरूकता कार्यक्रमो से म्यूच्यूअल फण्ड बहुत विकसित हुआ है, और 2015 तक म्यूच्यूअल फण्ड संस्थाओ का कुल कारोबार 10 लाख करोड़ के ऊपर जा चूका है,

और पिछले दो सालो में भारत में निवेश की जाने वाली राशी और भी तेजी से बढ़ी है,

दोस्तों, म्यूच्यूअल फण्ड की सीरिज में आज हमने बात की HISTORY OF MUTUAL FUND IN INDIA की, अब अगले भाग में बात करेंगे – म्यूच्यूअल फण्ड के फायदे,

 

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  3. Nachiket Bali October 20, 2018

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