इन्वेस्टमेंट का सही अर्थ क्या है - निवेश या विनियोग का मतलब

इन्वेस्टमेंट का सही अर्थ क्या है ? – निवेश या विनियोग का मतलब

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इन्वेस्टमेंट का अर्थ ( Meaning of Investment)

इन्वेस्टमेंट (Investment) का हिंदी अर्थ होता है – निवेश या फिर  विनियोग , और विनियोग का सही अर्थ है – विशेष नियोजन, इस तरह निवेश, विनियोग हिंदी शब्द है जबकि इन्वेस्टमेंट (Investment) एक अंग्रेंजी शब्द है, तीनो का मतलब एक ही है,

और आज के इस इन्वेस्टमेंट/विनियोग विषय के ऊपर  मै आपसे बात करने वाला हु कि –दरअसल,  निवेश का सही मायने में क्या अर्थ होता है ?

निवेश/विनियोग का सही अर्थ समझने की जरुरत

अब निवेश/विनियोग का सही अर्थ समझने का सबसे कारण ये है कि- आज हम सभी के सामने निवेश के हजारो विकल्प है, और उन हजारो निवेश के विकल्पों में से हमें सिर्फ कुछ निवेश के विकल्पों के बारे में ही पता होता है,

और क्योकि हजारो निवेशो में हमें सिर्फ कुछ निवेशो के बारे में ही जानकारी होती है , इसलिए हम हमेशा इस बात से परेशांन और कंफ्यूज रहते है, कि – आखिर हमारे लिए कौन सा इन्वेस्टमेंट यानि निवेश, सबसे अच्छा है,

Example : जैसे –

मान लीजिए –

आपके किसी दोस्त ने आपको बोला xyz म्यूच्यूअल फण्ड सबसे अच्छा है, और आपको भी उस xyz फण्ड में जरुर निवेश करनी चाहिए,

औ फिर आप उस फण्ड में निवेश कर देते है,

और कुछ दिन आप youtube पर विडियो देखते है, जिसमे बेस्ट फण्ड ऑफ़ २०१८ किसी दुसरे फण्ड को बताया गया है,

अब आप जैसे ही देखते है कि – एक्सपर्ट लोग तो किसी और फण्ड के बारे में बात कर रहे है,

और आपने जिस फण्ड में निवेश किया है, उसके बारे में तो कुछ ज्यादा बात ही नहीं हो रही है,

तो अब ऐसे में आपके मन में ढेर सारे सवाल उठेंगे कि –

अब क्या किया जाये ? कैसे पता चले कि कौन सा निवेश सबसे अच्छा है , और कैसे समझा जाये कि कौन सच कह रहा है, कौन गलत ? और आखिर बेस्ट फण्ड कौन सा रहेगा ?

अब जैसे मैंने पहले कहा – आज इन्टरनेट और ग्लोबलाइजेशन के ज़माने में हमारे सामने निवेश के हजारो विकल्प है,

और इन हजारो निवेश में से आपके लिए कौन सा निवेश अच्छा है ये समझने के लिए, पहले तो आपका अपना निवेश का कंसेप्ट क्लियर होना चाहिए, आपको निवेश का सही अर्थ पता होना चाहिए, आपको अपने निवेश का उद्देश्य यानि purpose पता होना चाहिए,

और यकीन मानिए, जब तक आप निवेश के सही मतलब को नहीं समझेंगे, तब तक आप हमेशा कंफ्यूज रहेंगे कि – आपने जो निवेश किया है, वो आपके लिए सही है या नहीं ?

तो ये सबसे बड़ा कारण है , जिसकी वजह से आपको निवेश का सही अर्थ जरुर समझना चाहिए,

तो अब जब आपने समझ लिया कि – निवेश का सही अर्थ समझना कितना इम्पोर्टेन्ट है, तो आइये बात करते है कि –

इन्वेस्टमेंट/निवेश/विनियोग का सही मतलब

निवेश निहायत ही यानी व्यक्तिगत विषय है,

इसका मतलब ये है कि – निवेश का विषय हम सभी के लिए अलग अलग है, आपके लिए निवेश का मतलब कुछ और हो सकता है, और मेरे लिए निवेश का मतलब कुछ और हो सकता है,

और इसलिए जिस निवेश को आप बेस्ट निवेश कहते है, जरुरी नहीं कि वह मेरे लिए बेस्ट हो और ये भी जरुरी नहीं कि – जिस निवेश को मैं बेस्ट निवेश कह रहा हु, वो आपके लिए भी बेस्ट हो,

Example : जैसे –

किसी शेयर बाजार के एक्सपर्ट आदमी के लिए शेयर बाजार में निवेश करना, स्टॉक खरीदना और बेचना, अच्छा निवेश का विकल्प हो सकता है,

लेकिन चुकि मुझे शेयर बाजार की जानकारी नहीं है तो मेरे लिए सीधे शेयर बाजार के निवेश का विकल्प किसी काम का नहीं है,

 निवेश कोई उत्पाद या पद्धति नहीं बल्कि निवेश एक योजना है,

ध्यान दीजिए, इसे समझना बहुत महत्वपूर्ण है,

क्योकि निवेश के बारे में सबसे ज्यादा कनफूजन इसी बात को नहीं समझने से होता है, अगर आप इसे समझ लेते है तो शायद आपका बेस्ट निवेश कौन सा है – इस बात का बार बार का कनफूजन दूर हो जायेगा –

निवेश और निवेश के साधन दो अलग अलग विषय है

निवेश के सम्बन्ध में दूसरी और सबसे इम्पोर्टेन्ट समझने वाली बात ये है कि  –

निवेश कोई प्रोडक्ट या सिस्टम नहीं बल्कि निवेश पूरी तरह से – फाइनेंसियल प्लानिंग का नाम है,

इसका मतलब है – निवेश और निवेश के साधन/प्रोडक्ट दो अलग अलग चीजे होती है,

Example : जैसे –

बैंक डिपाजिट, गोल्ड, रियल एस्टेट, म्यूच्यूअल फण्ड, स्टॉक मार्केट , बिज़नस, ट्रेड,

ये सभी निवेश नहीं है बल्कि ये सभी निवेश के प्रोडक्ट है, यानि निवेश के उत्पाद है, और सबसे बड़ी बात आप देखेंगे कि – ये तो नाम हो गए मुख्य प्रोडक्ट के – और इन सभी प्रोडक्ट के हजारो दुसरे छोटे बड़े प्रोडक्ट है –

Example : जैसे –

बैंक डिपाजिट में आपको कई अलग अलग स्कीम का आप्शन मिलता है,

गोल्ड में भी कई तरह के अलग अलग सौदे कर सकते है,

इसके आलावा रियल एस्टेट में भी हजारो तरह के अलग अलग सौदे होते है,

म्यूच्यूअल फण्ड में तो आपको पता ही है कि – इंडिया में 2 हजार से भी ज्यादा म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम है,

और स्टॉक मार्केट में देखेंगे कि – हजारो कंपनी के शेयर के अलग अलग सौदे होते है,

बिज़नस भी हजारो प्रकार के है, और ट्रेड भी हजारो प्रकार के है,

तो कुल मिलाके , समझने वाली बात ये है कि – ये हजारो तरह के निवेश के विकल्प, निवेश जैसे दीखते है, क्योकि वास्तव में ये निवेश के विकल्प है, निवेश के अलग अलग हजारो प्रोडक्ट है, लेकिन वास्तव में इनमे से कोई भी निवेश नहीं है,

क्योकि निवेश का अर्थ तो कुछ और होता है,

और निवेश के उस सही अर्थ की बात की जाये तो – निवेश तो हमारी व्यकिगत फाइनेंसियल प्लानिंग का नाम है,

और फाइनेंसियल प्लानिंग का अर्थ है – आर्थिक रूप से हमें एक स्थान से दुसरे जगह कैसे जाना है, कब तक जाना है,तो इस तरह सीधा सीधा निवेश का भी यही अर्थ ये है कि –

आर्थिक रूप से हम एक स्थान से दुसरे स्थान पर जाने की योजना बनाने को ही इन्वेस्टमेंट/विनियोग/निवेश कहा जाता है,

निवेश/इन्वेस्टमेंट शुरू करने से पहले फाइनेंसियल प्लान की जरुरत

निवेश और निवेश के प्रोडक्ट के अंतर को समझने के बाद, अब जरुर इस फर्क को समझ पा रहे होंगे – बेस्ट निवेश करने के लिए आपको अपने लिए एक बेस्ट फाइनेंसियल प्लान बनाना होगा,

आपका बेस्ट फाइनेंसियल प्लान यह तय करेगा – आपके लिए निवेश का कौन सा विकल्प अच्छा है,

और तभी आप समझ पाएंगे कि – आपके लिए निवेश का कौन सा विकल्प सबसे अच्छा है,

Example : जैसे –

मान लीजिए कि – एक 60 साल का आदमी जो अभी रिटायर हुआ है – वो चाहता है कि उसके रिटायरमेंट फण्ड का इस तरह निवेश करे, कि पैसा सुरक्षित रहे, भले ही उस पर लाभ बहुत कम मिले तो भी चलेगा, उसे कोई दिक्कत नहीं है –

तो हो सकता है – उस 60 साल के आदमी की पर्सनल फाइनेंसियल प्लान के हिसाब, बैंक का फिक्स्ड डिपाजिट सबसे अच्छा निवेश का विकल्प हो,

लेकिन क्या अगर मेरी उम्र 25 साल है , तो मेरे लिए भी फिक्स्ड डिपाजिट के निवेश का विकल्प सबसे अच्छा होगा – तो जवाब हो सकता है न हो और हो सकता है हा भी , ये इस बात पर निर्भर करता है कि मेरी पर्सनल फाइनेंसियल प्लान में क्या फिक्स्ड डिपाजिट का विकल्प मेरे लिए अच्छा है या नहीं ,

तो यहाँ तक हमने ये समझ लिए कि –

निवेश निहायत ही यानी व्यक्तिगत विषय है, और निवेश कोई उत्पाद या पद्धति नहीं बल्कि निवेश एक योजना है,

निवेश आर्थिक योजना का नाम है, 

निवेश के अर्थ कांसेप्ट को अच्छे से  समझने के लिए तीसरी बात जो हमें हमेशा याद रखनी चाहिए वो ये है कि –

निवेश एक ऐसी योजना है, जो आपको आर्थिक रूप से एक जगह से दूसरी जगह तक लेकर जाती है,

इसका मतलब सीधा सा है –

हम निवेश इसलिए करते है कि – हमारा कोई खास उद्देश्य पूरा हो, अगर किसी निवेश से हमारे जीवन का कोई आर्थिक लक्ष्य ही पूरा नहीं हो रहा है, तो उस निवेश का क्या फायदा, भले ही वह निवेश कितना भी अच्छा कहा जाता हो,

निवेश इसलिए किया जाता है ताकि आज आर्थिक रूप से हम जहा है, वहा से चलकर हम वहा पहुच सके जहा हम आर्थिक रूप से पहुचना चाहते है ,

Example : जैसे –

मान लीजिए – आज मेरी उम्र 30 साल है, और  मेरे पास कुल संम्पति धन दौलत मिलाकर मेरे पास सिर्फ 10 लाख रूपये ही है, लेकिन मै आज से 30 साल बाद 10 करोड़ रूपये चाहता हु,

तो इसके लिए मुझे एक निवेश योजना, यानि पर्सनल फाइनेंसियल प्लान की जरूत होगी, और वह पर्सनल फाइनेंसियल प्लान मुझे बत्येगा कि – मुझे 10 लाख से 10 करोड़ तक कैसे पहुचना है,

और 10 लाख से 10 करोड़ तक पहुचने के लिए मुझे किस तरह के निवेश के विकल्प या निवेश के साधन या कहे निवेश के वाहन की जरुरत होगी,

ध्यान दीजिए – निवेश के विल्क्ल्पो यानि – बैंक डिपाजिट, गोल्ड, रियल एस्टेट, म्यूच्यूअल फण्ड, स्टॉक मार्केट , बिज़नस, ट्रेड, को निवेश के वाहन भी कहा जाता है,

क्योकि सभी एक वाहन की तरह ही होते है, जैसे वाहन हमें एक जगह से दूसरी जगह पहुचाते है ,

वैसे ही ये सभी निवेश के वाहन हमें आर्थिक रूप से एक जगह से दूसरी जगह पहुचाते है,

जिस तरह कुछ वाहन यानि गाडिया आपको एक जगह से दूसरी जगह फ़ास्ट पहुचा सकती है,  जैसे –हवाई जहाज

और कुछ गाडिया आपको धीमा पहचाती है – जैसे ट्रेन या बस,

सब गाड़ियों की कीमतों में अंतर होता है, रिस्क अलग अलग होते है, और हम अपनी जरुरतो के हिसाब से अलग अलग गाडियो का अलग अलग समय पर इस्तेमाल करके आखिर में अपने लक्ष्य तक यानि उस स्थान तक पहुच जाते है जहा हम जाना चाहते है,

वैसे ही ,  आप या मै भी इन अलग अलग निवेश के वाहनों का इस्तेमाल करके वहा पहुच सकते है, जहा हम जाना चाहते है,

लेकिन सबसे इम्पोर्टेन्ट क्या है ? सबसे इम्पोर्टेन्ट इस बात को समझना है कि – कि आप किसी गाड़ी से कहा जाना चाहते है और कब तक जाना चाहते है, और आप कितनी कीमत देने और कितना रिस्क उठाने तैयार है,

और ये सब कुछ बताता है आपकी निवेश की योजना,

और इसलिए, निवेश के सही अर्थ को समजने के लिए तीसरी बात जो आपको ध्यान में रखनी चाहिए वो ये कि –

निवेश एक ऐसी योजना है, जो आपको आर्थिक रूप से एक जगह से दूसरी जगह तक लेकर जाती है,

 इन्वेस्टमेंट/विनियोग/निवेश – सारांश (Summary)

तो अगर मै अपनी बात को summarize करू, कि निवेश का असली मतलब क्या है –

तो दरअसल – ज्यादातर लोग – किसी निवेश के प्रोडक्ट, ध्यान दीजिए मैंने कहा – निवेश प्रोडक्ट,  में पैसे जमा करना और उस से लाभ की अपेक्षा रखने को ही निवेश मान लेते है, जो कि निवेश का असली मलतब नहीं है,

वास्तव में निवेश का असली मतलब कुछ और है,

और निवेश का असली मतलब है –

निवेश निहायत ही यानी व्यक्तिगत विषय है, और निवेश कोई उत्पाद या पद्धति नहीं बल्कि निवेश एक योजना है,  और साथ ही निवेश एक ऐसी योजना को कहा जाता है जो आपको आर्थिक रूप से एक जगह से दूसरी जगह पहुचाने की योजना है, जहा आप आर्थिक रूप से पहुचना चाहते है,


तो दोस्तों,

मै आशा करता हु कि इस पोस्ट से आप निवेश के सही अर्थ को समझ पायें होंगे , अगर आपके मन में पोस्ट से जुड़ा कोई सवाल हो तो उसे कमेंट करके जरुर बताये, मै आपके सवालों का जवाब देने की जरुर कोशिश करूँगा.

और अंत में, पोस्ट पूरा पढने के  लिए आपका दिल से बहुत बहुत धन्यवाद.


इसे भी पढ़े –

  1. निवेश क्या है? (What is Investing?)
  2. निवेश की जरुरत क्यों है? (Why Investment is needed?)
  3. निवेश कहा करे? (Where to Invest?)
  4. कौन सा निवेश सबसे अच्छा है? (Which Investment is better?)
  5. निवेश से पहले ध्यान रखने वाली बाते (Things to care before Investing)

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