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IPO PROCESS की पूरी जानकारी

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IPO PROCESS

दोस्तो, आज का हमारा Topic है, IPO PROCESS

IPO लाने का Process क्या है? एक कंपनी कैसे अपना IPO यानी पब्लिक इशू निकालती है?

IPO के लिए कंपनी को मुख्य रूप से कौन से नियम और शर्तो को पालन करना होता है ?

अगर आपके मन मे भी IPO PROCESS – Initial Public Offering से सम्बंधित कुछ इस तरह के सवाल है, तो आप इस ARTICLE को पूरा पढ़ते रहिये,
क्योंकि मैं आज आपसे इसी के बारे में बात करने वाला हु,

IPO PROCESS कैसे की जाती है,

जब कोई कंपनी अपने पूंजी की आवश्यकता को पूरा करने के लिए IPO लाने का निर्णय लेती है, तब उसे IPO लाने और स्टॉक मार्केट पे कंपनी को लिस्ट करने के SEBI द्वारा बनाये गए बहुत सारे नियम का पालन करना होता है-

जिसमे सबसे पहला काम होता है – एक मर्चेंट बनकर Appoint करना,

मर्चेंट बैंकर जिसे BRLM  (BOOK RUNNING LEAD MANAGERS) या LM (LEAD MANAGER) भी कहा जाता है,

आइये अब देखते है, मर्चेंट बैंकर या BRLM को प्रमुख रूप से कौन से काम करने होते है-

MERCHANT BANKER के काम,

  1. Merchant Bank इस बात को सुनिश्चित करते है कि IPO लाने वाली कंपनी ने सभी तरह के क़ानूनी नियमो का पालन किया है, और इसके लिए उस कंपनी को Diligence सर्टिफिकेट भी Issue करती है,
  2. मर्चेंट बैंक कंपनी को Draft Red Herring Prospectus (DRHP) बनाने और Listing Documents तैयार कराने में भी Help करता है,
  3. कंपनी के लिए REGISTRAR, BANKERS, आदि निश्चित करने में हेल्प करता है
  4. मर्चेंट बैंकर कंपनी के shares को Underwrite भी करता है, यानी मर्चेंट बैंक कंपनी के शेयर का पूरा हिस्सा या कुछ हिस्सा खरीदने के लिए तैयार होता है, जिसे वह Resell से पब्लिक को बेच सके.
  5. कंपनी के SHARE का IPO में PRICE RANGE/PRICE BAND यानी शेयर का न्यूनतम और अधिकतम मूल्य तय करने में HELP करती है,
  6. इसके साथ मर्चेंट बैंक कंपनी के IPO की मार्केटिंग, PROMOTION, और अन्य गतिविधियों से लोगो तक IPO के बारे में जानकारी पहुचाने में हेल्प करती है,

IPO की पूरी गतिविधि

1. MERCHANT BANK को APPOINT करना,

2. SEBI के पास IPO के लिए रजिस्ट्रेशन कराना,

3. SEBI का APPROVAL प्राप्त करना,

4.Draft Red Herring Prospectus (DRHP) तैयार करना,

DHRP को हम PROSPECTUS के नाम से भी जानते है, ये IPO का सबसे महत्वपूर्ण DOCUMENT होता है , जिसमे निम्न बातो की पूरी जानकारी होती है-

  • IPO की पूरी जानकारी
  • PUBLIC को ऑफर किये जाने वाले पुरे शेयर की संख्या
  • कंपनी क्यों शेयर ISSUE करना चाहती है, कंपनी IPO से प्राप्त पैसे का क्या इस्तेमाल करने वाली है,
  • कंपनी का PROJECT PLAN
  • कंपनी के बिज़नस का RISK RATIO
  • कंपनी के पिछले फाइनेंसियल स्टेटमेंट
  • कंपनी मैनेजमेंट की जानकारी, उनकी पर्सनल जानकारी और बैकग्राउंड
  • IPO की मार्केटिंग- प्रिंट मीडिया, इन्टरनेट मार्केटिंग, TV मार्केटिंग और अन्य

5. OPEN IPO FOR PUBLIC – Date of Issue तय करना,

6.OPEN IPO FOR PUBLIC- इस PROCESS को  जिसे BOOK BUILDING PROCESS भी कहा जाता है, इस दौरान  कंपनी पब्लिक से आईपीओ के लिए APPLY करने का समय देती है, जो नॉर्मली 2 से 6 दिन तक हो सकता है,

7. आईपीओ का PRICE BAND – इस PROCESS में IPO में शेयर के भाव का एक RANGE तय किया जाता है-

जैसे – प्रति शेयर का  न्यूनतम और अधिकतम मूल्य तय करना,और इसी तय PRICE BAND में PUBLIC को IPO में शेयर दिए जाते है,

ध्यान देने वाली बात ये है कि-

PRICE BAND में PUBLIC को जो मूल्य ठीक लगता है, उस मूल्य और QUANTITY के लिए APPLICATION दे सकती है,

जैसे – अगर कंपनी ने प्राइस बंद 500 -550 तय किया  है तो ऐसे में, अधिकतम PRICE के ऑर्डर्स को पहले कम्पलीट किया जाता है, और PUBLIC के ऊपर छोड़ दिया जाता है कि उसे कंपनी द्वारा तय किये गए PRICE BAND में जो PRICE ठीक लगे, उस प्राइस के साथ APPLICATION कर सकती है,

मान लीजिए अगर  550 से 550 का PRICE BAND तय किया जाता है, तो कई लोग 500 रूपये पर शेयर प्राप्त करने का एप्लीकेशन देंगे, जबकि काफी लोग 505, 515, 525, 530, 535, 540, 545, 550  यानी 500 से 550 के बीच किसी भी मूल्य का APPLICATION पब्लिक द्वारा उस आईपीओ के लिए दिया जा सकता है,

8. CLOSURE – आईपीओ के APPLY करने का आखिरी दिन ख़तम होने के बाद से कंपनी को ये तय करना होता है, पब्लिक से प्राप्त आवेदन में किस एप्लीकेशन को एक्सेप्ट करे और कौन कौन से PRICE पर,

9. LISTING – सबसे अंत में LISTING का दिन आता है, जब कंपनी BOOK BUILDING PROCESS के द्वारा तय किये गए PRICE पर स्टॉक मार्केट में उस शेयर को लिस्ट कर दिया जाता है,

 

IPO PROCESS- SUMMARY

अगर हम अपनी बात को SUMMARIZE करे तो, IPO Process, वह PROCESS है, जिसके द्वारा कंपनी अपना आईपीओ लाती है,

और आईपीओ के बाद कंपनी का स्टॉक सेकेंडरी मार्केट जिसे स्टॉक मार्केट कहते है, वहा खरीदने और बेचने के लिए उपलब्ध हो जाता है,


दोस्तों,
I Hope, कंपनी द्वारा आईपीओ लाने के लिए किये जाने वाले PROCESS को आप समझ पाए होंगे.

अगर आर्टिकल अच्छा लगा तो इसे नीचे अपना कमेन्ट करना न भूले,
दोस्तों,आज बस इतना ही, अब मिलते है अगले आर्टिकल में,

तब तक के लिए, keep smiling, Keep learning and Keep Earning,

 

3 Comments

  1. Yash June 10, 2018
  2. Kanika July 26, 2018
    • Deepak Kumar July 26, 2018

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