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Market Capitalization (मार्केट कैप)

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मार्केट कैपिटलाइजेशन Market Capitalization

Market Capitalization को शोर्ट में मार्केट कैप (Market Cap) भी कहा जाता है,मार्केट कैप वास्तव में किसी कंपनी का कुल वैल्यू होता है,

मार्केट कैप से हम ये समझ सकते है कि शेयर कैपिटल के हिसाब से कोई कंपनी कितनी बड़ी है या कितनी छोटी,

आम तौर पे नए लोग, स्टॉक मार्केट में लिस्टेड कंपनी के share price को देखकर, ऐसा समझ लेते है कि, जिस कंपनी का share price ज्यादा है. वह बड़ी कंपनी है, और जिस कम्पनी का share price कम है. वह छोटी कंपनी है,

जैसे – अगर किसी स्टॉक का प्राइस 1000 रूपये है, और एक दुसरे स्टॉक जिसका प्राइस 100 रूपये है, तो आम तौर पर नए लोग  1000 रूपये वाले शेयर प्राइस को ज्यादा बड़ी कम्पनी मान लेते है , जोकि सच नहीं है और पूरी तरह से एक गलत है,

सच तो ये है कि किसी कम्पनी के मार्केट कैप की तुलना से ही ये समझा जा सकता है कि कोई कंपनी कितनी बड़ी है या कितनी छोटी,   

दूसरी तरफ इस तथ्य को समझना भी बहुत महत्वपूर्ण है कि किसी शेयर के प्राइस में होने वाले चेंज का सीधा असर उस कंपनी के मार्केट कैप पर पड़ता है, इसलिए Market Capitalization को समझना बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है,

Market Capitalization की गणना

Market Capitalization या मार्केट कैप वास्तव में किसी भी कंपनी के कुल आउटस्टैंडिंग शेयर*** कैपिटल के साथ उस कम्पनी के current share price को multiply करने पर आने वाला Total Value होता है,

मार्केट कैप को इस तरह calculate इस तरह किया जाता है-

Market Capitalization = (Total No. of Outstanding Share)  X  (current share Price)

जैसे मान ले की किसी कम्पनी का टोटल आउटस्टैंडिंग शेयर है 100 करोड़ और उस कंपनी के शेयर का current Market price है – 150 रूपये

तो इस तरह उस कम्पनी का मार्केट कैप होगा

Market Cap = 100 करोड़ X 150 रूपये = 15000 करोड़ रूपये,

और जैसा की हम जानते है, Share Price हमेशा change होता रहता है,

ऐसे में किसी दिन अगर इसी शेयर का प्राइस 140 रूपये हो जाता है तो , अब मार्केट कैप होगा

Market Cap = 100 करोड़ X 140 रूपये = 14000 करोड़ रूपये,

अब आप ध्यान से देखे की शेयर प्राइस में 10 रूपये कम हो जाने से उस कम्पनी के टोटल मार्केट कैप में 1000 करोड़ रूपये का फर्क पड़ जाता है,

इस तरह मार्केट कैप को समझना बहुत महत्वपूर्ण है, जिस से हम कम्पनी की कुल पूंजी के बारे में सही जानकारी हासिल कर सकते है, और कम्पनी कितनी बड़ी है या छोटी है, ये भी समझ सकते है,

 

***आउटस्टैंडिंग शेयर

Outstanding Share से मतलब उन सभी शेयर से है, जो कंपनी ने जारी किया हुआ है, और जो स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेड के लिए उपलब्ध है, और साथ ही साथ प्रोमोटर्स, इन्वेस्टर्स,रिस्ट्रिक्टेड शेयर,इन सभी शेयर को आउटस्टैंडिंग शेयर कहा जाता है, जो कम्पनी repurchase नहीं किया है,

आउटस्टैंडिंग शेयर यानि वे शेयर जो कम्पनी ने जारी किया हुआ लेकिन वो Repurchase नहीं हुआ है. 

FREE FLOAT MARKET CAPITALIZATION

Free Float Market Capitalization, से मतलब जब  मार्केट कैपिटलाइजेशन का कैलकुलेशन करने के लिए सिर्फ उन्ही शेयर की संख्या को ध्यान में रखा जाता है, जो मार्केट में ट्रेड के लिए उपलब्ध है,

Free Float Market Capitalization = No. of Trade able Shares X Current price of share

No. of Trade able Shares इसकी संख्या BSE और NSE के वेबसाइट पर उपलब्ध होती है, Trade-able shares में कंपनी के शेयरहोल्डर और प्रोमोटर्स के पास के शेयर्स को शामिल नहीं किया जाता है.

NSE  का इंडेक्स Nifty और BSE का इंडेक्स sensex के कैलकुलेशन में कंपनी के फ्री फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन का ही इस्तेमाल किया जाता है.


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2 Comments

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  4. vijay June 11, 2018
  5. Umesh Singh November 25, 2018

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