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PORTFOLIO MANAGEMENT – पोर्टफोलियो मैनेजमेंट

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PORTFOLIO MANAGEMENT

आज का हमारा टॉपिक है – PORTFOLIO MANAGEMENT, और इस आर्टिकल में हम जानेगे – पोर्टफोलियो मैनेजमेंट क्या होता है, PORTFOLIO MANAGEMENT का मकसद क्या होता है, और साथ ही जानेंगे की एक निवेशक के लिए पोर्टफोलियो मैनेजमेंट कितना जरुरी होता है,

सबसे पहले बात करते है,

PORTFOLIO MANAGEMENT क्या होता है?

Portfolio Management को समझने से पहले हमें इन दोनों शब्दों के अर्थ पर एक बार अलग अलग ध्यान देते है,

Portfolio क्या होता है?

निवेश के सम्बन्ध में पोर्टफोलियो का अर्थ, निवेश की विविधता (Different types of इन्वेस्टमेंट) और निवेश का कुल योग (Total investment) होता है,

अलग अलग फाइनेंसियल asset class में निवेश के कुल योग को मिलाकर एक पोर्टफोलियो बन जाता है,

जैसे – किशोर अपने निवेश को अलग अलग asset class , जहा fixed deposit में 30 %, Mutual fund में 30 %  और stock market में 40 % निवेश करता है,

इस तरह  अलग अलग asset class में निवेश किये गए कुल योग को हम किशोर का Investment Porftolio कह सकते है,

ये भी कहा जा सकता है कि –

निवेश पोर्टफोलियो का अर्थ, एक Planned technique है, जिसका इस्तेमाल करके निवेशक अपने निवेश को अलग अलग Asset class में निवेश करता है, और अपने निवेश में होने वाले Risk को control करके निवेश से मनचाहा लाभ उठाना चाहता है,

ध्यान देने वाली बात ये है कि निवेशक द्वारा निवेश के अलग अलग विकल्पों में निवेश का मुख्य कारण निवेश के जोखिमो में कमी करना होता है,

अब आइये देखते है, कि

 मैनेजमेंट क्या होता है?

बिल्कुल आसान शब्दों में कहा जाये तो ,

मैनेजमेंट का अर्थ, किसी निश्चित लक्ष्य को पूरा करने के लिए उपलब्ध साधनों का इस तरीके से इस्तेमाल करना है, जिस से कि पहले से निश्चित लक्ष्य को पूरा किया जा सके,

आइये अब देखते है –

PORTFOLIO MANAGEMENT क्या होता है?

पोफोलियो मैनेजमेंट वह तकनीक है, जो एक निवेशक को, उसके द्वारा पहले से निश्चित उद्देश्यों के लिए, निवेश के अलग अलग उपलब्ध विकल्पों में से,  कुछ बेहतर तरीके से निवेश करने में मदद करता है,

जिस से की निवेशक को मनचाहा लाभ (Rate of Return) भी प्राप्त हो, और वो निवेश को जोखिमो को कण्ट्रोल (RISK CONTROL) किया जा सके,

पोर्टफोलियो मैनेजमेंट का मकसद/उद्देश्य,

पोर्टफोलियो मैनेजमेंट करने के पीछे प्रमुख उद्देश्य या मकसद की बात की जाये तो वो कुछ इस प्रकार है-

  1. निवेश की पूंजी सुरक्षा – पोर्टफोलियो मैनेजमेंट का मुख्य मकसद निवेश की गई पूंजी की सुरक्षा होती है, ताकि पूंजी सुरक्षित रहे,
  2. निवेश से लाभ की निरंतरता- पोर्टफोलियो मैनेजमेंट का दूसरा मुख्य मकसद ये है, निवेश से निरंतर (Consistent) लाभ मिलता रहे,
  3. तरलता(Liquidity) – पोर्टफोलियो मैनेजमेंट का तीसरा और प्रमुख मकसद ये भी है कि, हम अपने निवेश को कम से कम समय में cash में बदल सके, यानी जब भी अपने निवेश को बेचना चाहे, तो उसको खरीदने वाले ग्राहक तुरंत मिल सके, और अपने निवेश को cash में बदल सके,,
  4. Power of compounding का लाभ – पोर्टफोलियो मैनेजमेंट का चौथा और प्रमुख मकसद ये भी है कि, हम अपने निवेश को पॉवर of compounding का इस्तेमाल करके, अपने धन को बहुत अधिक बढ़ा सके, और लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट का बेहतर लाभ ले सके,
  5. निवेश की विविधता का लाभ (diversify)– निवेश के सभी क्षेत्र हमेशा लाभकारी नहीं होते है, आज जो लाभ में है, कल नुकसान में जा सकता है, और आज निवेश का जो क्षेत्र नुकसान में है, वो भी कभी भी लाभकारी हो सकता है,

ऐसे में हमें एक ऐसे टूल्स की जरुरत होती है,जिसके से कि हमारे निवेश को इस तरह के अलग क्षेत्रो में निवेश कर सके, और हम किसी एक ही asset class में इन्वेस्ट न करे ,

  1. Tax saving – पोर्टफोलियो मैनेजमेंट का एक और प्रमुख मकसद ये भी है कि, हम अपने निवेश को बेहतर लाभ कमा सके, और सरकार द्वारा दी जा रहे बिभिन प्रकार के tax सेविंग स्कीम का लाभ उठा सके,

PORTFOLIO MANAGEMENT  का महत्व

एक निवेशक के लिए पोर्टफोलियो मैनेजमेंट कितना जरुरी होता है,

निवेश के क्षेत्र में अलग अलग निवेश के विकल्पों से हमें अलग अलग मात्रा में लाभ मिलता है, और जितनी मात्रा में लाभ होता है, उतनी मात्रा में उस निवेश में RISK भी होता है,

जैसे – अगर स्टॉक मार्केट से हमें 20 % CAGR का लाभ हो सकता है, तो स्टॉक मार्केट में निवेश में RISK भी काफी ज्यादा हो जाता है,

दूसरी तरफ बैंक फिक्स्ड डिपाजिट में हमें अपने निवेश की लगभग पूरी सुरक्षा मिलती है,  लेकिन अगर फिक्स्ड डिपाजिट निवेश से लाभ की बात की जाये तो हमें सिर्फ 7 % CAGR का लाभ हो सकता है,

इस तरह, हर निवेशक यही चाहता है कि वह, कम रिस्क में बेहतर से बेहतर लाभ कमा सके, और इसी कारण से हमें अपने निवेश के पोर्टफोलियो को मैनेजमेंट की जरुरत पड़ती है,

ताकि पोर्टफोलियो मैनेजमेंट की हेल्प से निवेशक अपने RISK को CONTROL करके, निवेश के उपलब्ध विकल्पों में इस तरह का निवेश करे, जिस से उसको कम से कम RISK के साथ अधिक से अधिक लाभ हो,

और इसी कारण निवेश के क्षेत्र में पोर्टफोलियो मैनेजमेंट को बहुत महत्त्व दिया जाता है,


दोस्तों, आपने इस आर्टिकल में जाना – PORTFOLIO MANAGEMENT क्या होता है ? और एक निवेशक के लिए पोर्टफोलियो मैनेजमेंट कितना जरुरी है,

अगले आर्टिकल में हा बात करेंगे – पोर्टफोलियो कैसे बनाये और पोर्टफोलियो कैसे diversify करे…. तब तक के लिए KEEP LEARNING,KEEP EARNING.


अगर पोस्ट अच्छा लगा तो नीचे अपना कमेंट या सवाल जरुर लिखे,



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