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POWER OF COMPOUNDING

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Power of Compounding,

Power Of Compounding को दुनिया के आठवे अजूबे के नाम से जाना जाता है, आज के इस टॉपिक में हम इसी बारे में बात करने वाले है की – Power Of Compounding होता क्या है, और इसके इस्तेमाल से हम क्या फायदा उठा सकते है, और इसे क्यों आठवे अजूबे के नाम से जाना जाता है,

Power Of Compounding (पॉवर ऑफ़ कोम्पौन्डिंग) के समब्ध में –

अल्बर्ट आइंस्टीन ने कहा है – Compound interest (चक्रवृधी व्याज ) इस दुनिया का आठवा अजूबा है, जो इसे समझता है, इसे पाता (EARN) है, और जो इसे नहीं समझता इसे चुकाता (PAY) है,

POWER OF COMPOUNDING क्या है? 

POWER OF COMPOUNDING से हमारा मतलब है,

जब हम COMPOUND INTEREST का इस्तेमाल करके अपने धन पर बहुत ज्यादा लाभ कमाते है,

Power of Compounding के लिए हमें अपने धन पर मिलने वाले Compound interest के लाभ को लम्बे समय तक वापस INVEST करते रहना होता है,

और इस तरह अपने फाइनेंसियल लक्ष्यों और पहले से निश्चित समय के अनुसार तब तक निवेश करते रहना है, जब तक हमें हमारे Financial Goals के अनुसार “धन का बहुत बड़ा लक्ष्य” प्राप्त न हो जाये,

जैसे (Example)– 10 हजार से 10 करोड़

जी हां -10 हजार के निवेश को Power of Compounding का इस्तेमाल करके, 30 साल में 10 करोड़ रूपये धन बनाया जा सकता है,

है न कमाल की बात – आइए देखते है, की 10 हजार से 10 करोड़ कैसे बनाया जा सकता है?

इसके लिए आपको, 10 हजार रूपये को 36% वार्षिक Compound Interest के Rate से निवेश करने है,

और हर साल मिलने वाले compound Interest को वापस, पिछले कुल पूंजी में मिलाकर लगातार 30 साल तक निवेश करते रहना है,

और इस तरह आप देखंगे की सिर्फ 10 हजार रूपये 36% कंपाउंड इंटरेस्ट का लाभ लेकर,30 साल में  10 करोड़ बन जाता है,

इसी Example में,

अगर सिंपल इंटरेस्ट होता, तो हमें कुल लाभ मिलता = 10000 हजार का हर साल 36% =3600 रूपये

और तीस साल तक 3600, हर साल का मतलब है, कुल – 3600 X 30 = 108000 और मूल राशी 10 हजार,

इस तरह कुल राशी होगी- सिर्फ 1 लाख 18 हजार,

तो दोस्तों, ये होता है POWER OF COMPOUNDING और Simple Interest निवेश का फर्क ,

आपने देखा,

सब कुछ एक जैसा होने के बावजूद अंतर कितना बड़ा है,

समय भी 30 साल , और INVESTMENT का AMOUNT भी 10 हजार

लेकिन फर्क पड़ा, SIMPLE INTEREST इस्तेमाल करने की बजाये COMPOUND INTEREST का इस्तेमाल करने से,

10 हजार रूपये , समय 30 साल और 36% वार्षिक सिंपल इंटरेस्ट के हिसाब से हुए – 1 लाख 18 हजार

और

10 हजार रूपये , समय 30 साल और 36% वार्षिक COMPOUND INTEREST के हिसाब से हुए – 10 करोड़,

अब आप खुद सोचिये,

आप अपने इन्वेस्टमेंट पर किस तरह का लाभ कमाना चाहेंगे, सिंपल इंटरेस्ट या कंपाउंड इंटरेस्ट ?

मेरे ख्याल से आपका जवाब होगा – सिर्फ और सिर्फ COMPOUND INTEREST

मैजिक ऑफ़ कम्पाउंडिंग – तीन दोस्तों के करोड़पति बनने की कहानी!

 

POWER OF COMPOUNDING का इस्तेमाल,

पॉवर ऑफ़ कंपाउंडिंग, का इस्तेमाल आप अपने किसी भी LONG TERM GOAL को पूरा करने के लिए कर सकते है, और जितना चाहे उतना WEALTH CREATE कर सकते है,

आपको ये सोचना होगा, की LONG TERM में आपको कितना पैसा चाहिए,

और उस पैसे को प्राप्त करने के लिए आपको पता लगाना होगा कि, आपको हर साल कितने % कंपाउंड इंटरेस्ट का लाभ प्राप्त करना होगा,

और एक बार जब आपको, अपने फाइनेंसियल गोल को पूरा करने के लिए आवश्यक COMPOUND INTEREST के RATE का पता चल जाये, तो आज आपके पास जो भी AMOUNT है, उसे, उस कंपाउंड इंटरेस्ट के दर से पर्याप्त समय के लिए, नियमित और अनुशासित निवेश करना होगा,

और इस तरह, आप निश्चित रूप से-

 POWER OF COMPOUNDING का इस्तेमाल करके, जितना चाहे उतना धन बना (WEALTH CREATION) सकते है,

 

POWER OF COMPOUNDING – दुनिया का सबसे बड़ा अजूबा,

Robert Kiyosaki ने अपनी किताब, Rich Dad Poor Dad ने Power of Compounding का जिक्र करते हुए लिखा है-

“दुनिया के सभी अजूबो में एक सबसे बड़ा अजूबा है “ The Power of Compounding”

और आगे एक रियल घटना का जिक्र करते हुए बताया है-

अमेरिका के मैनहटन आइसलैंड की खरीद, इस दुनिया के महानतम सौदों में से एक सौदा माना जाता है, क्योकि इस सौदे में पुरे NEWYORK (न्यू यॉर्क ) शहर को सिर्फ 24 डॉलर में बेचा गया था,

जी हा, सिर्फ 24 dollar में इस दुनिया के सबसे बड़े और धनवान शहर को सिर्फ 24 dollar में बेचा गया था,

कई लोग इसे मजाक समझेंगे, और कई लोग आश्चर्य भी करेंगे, कि कैसे इस दुनिया के इतने बड़े शहर को सिर्फ 24 डॉलर में बेच दिया गया था,

लेकिन, रोबर्ट कियोसाकी ने इस घटना को “Power of compounding” के साथ जोड़ कर जो बात बताई है, उस बात से शायद आप को और ज्यादा आश्चर्य होगा,

उन्होंने आगे बताया कि,

ये सौदा सत्रहवी सदी के आखिर यानी सन 1695 के लगभग हुआ था,

और वैसे तो आज के समय में एक तरफ उस शहर को और दूसरी तरफ उसके 24 डॉलर के सौदों के बारे में सोचना मुर्खतापूर्ण ही लगेगा,

लेकिन आप ध्यान दीजिए, कि –अगर उस 24 डॉलर को सिर्फ 8% सलाना कंपाउंड इंटरेस्ट की दर से निवेशित कर दिया गया होता तो उस 24 डॉलर की 300 साल में जो कीमत होगी वो है – 2,55,468,811,638.06 डॉलर

शायद आपको, इस संख्या को पढने में कुछ समय लग जाये,

लेकिन ध्यान दीजिए, ये तो बात हुई सिर्फ 8% सलाना compound interest,

और अगर आप थोडा और ज्यादा व्याज दर की बात करे तो ये संख्या बहुत बड़ी हो जाती है, इतनी बड़ी कि Newyork शहर को आज उसी 24 डॉलर और Power of compounding का इस्तेमाल करके दुबारा ख़रीदा जा सकता है,

और उसके बाद भी इतना पैसा बच जायेगा कि अमेरिका का एक और शहर लोस वेगास भी ख़रीदा जा सकता है,

तो ये खास बात है – Power of Compounding की,

शायद,

आपको इसकी ताकत को थोडा अंदाजा जरुर आया होगा,

और इसी लिए अल्बर्ट आइन्स्टाइन ने कहा था, अब आप समझ सकते है, कि इस दुनिया के इस महान बैज्ञानिक ने ऐसा क्यों कहा था,

Power of compounding को जो समझता है, उसे कमाता (Gain) है, और जो नहीं समझता वो उसे गवाता (Loss) है,


अगर पोस्ट अच्छा लगा तो नीचे अपना कमेन्ट या सवाल जरुर लिखे.

3 Comments

  1. Pradeep August 16, 2018
  2. Dev Joshi November 17, 2018
  3. Bhartiya November 20, 2018

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