SENSEX क्या है?

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SENSEX क्या है? SENSEX की गणना कैसे की जाती है?

SENSEX का पूरा नाम है – The Bombay Stock Exchange Sensitive Index

आज हम इसी के बार में बात करेंगे की आखिर Sensex क्या है, और Sensex के क्या फायदे है , Sensex कैसे बनता है और ये कितना महत्वपूर्ण है.

पहले बात करते है

Sensex क्या है?

Sensex हमारे इंडियन स्टॉक मार्केट का बेंचमार्क इंडेक्स है, जो BOMBAY STOCK EXCHANGE – BSE में LISTED शेयर्स के भाव में होने वाली तेजी और मंदी को बताता है,

स्टॉक मार्केट इंडेक्स के बारे में हमने पहले बात की है,

SENSEX भारत का सबसे पुराना STOCK INDEX है, जिसकी स्थापना 1986 में हुई थी,

स्टॉक मार्केट इंडेक्स का सबसे महत्वपूर्ण काम ये होता है, कि वो स्टॉक मार्केट में लिस्टेड सभी शेयर्स के भाव को capture करता है, और एक औसत वैल्यू देता है , जिस से कि हमे उस स्टॉक मार्केट के सभी शेयर्स के भावो में होने वाली तेजी और मंदी की सुचना आसानी से मिल सके.

SENSEX से हमें क्या जानकारी मिलती है ?

सेंसेक्स से हमें पता चलता है, जिन कंपनीज के शेयर BSE में LISTED है, वो कंपनी किस तरह काम कर रही है, अगर कम्पनी अच्छा काम कर रही है, लाभ कमा रही है , तो उसका असर कंपनी के शेयर के भाव में दीखता है , और शेयर्स के भाव बढ़ जाते है, और शेयर के भाव बढ़ने से सेंसेक्स में भी तेजी आती है,

इसी तरह अगर कम्पनी का लाभ कम हो रहा है, तो इसका असर उसके शेयर के भाव पर पड़ता है, और शेयर्स के भाव में कमी आने से sensex में कमी आती है,

SENSEX का ऊपर जाना यानी तेजी – इसका मतलब है – कंपनीज अच्छा काम कर रही है,उन्हें लाभ हो रहा है,

SENSEX का नींचे जाना यानी मंदी – इसका मतलब है – कंपनीज को कम लाभ हो रहा है,

सेंसेक्स का ऊपर जाना हमें बताता है कि कंपनी अच्छा लाभ कमा रही है, और कंपनीज अच्छा काम कर रही है यानि देश की अर्थव्यवस्था भी अच्छा काम रही है,

इस तरह सेंसेक्स से हमें कंपनी के शेयर्स का भाव में होने वाली तेजी और मंदी की तो जानकारी मिलती ही है,

साथ ही साथ हमें देश की अर्थव्यवस्था के बारे में भी जानकारी मिलती है.

SENSEX के फायदे ,

सेंसेक्स के कुछ प्रमुख फायदे इस तरह है

  1. BSE के परफॉरमेंस के बारे में एक नजर में पता चलना
  2. बाजार में होने वाली तेजी और मंदी की सुचना आसानी से मिल जाना
  3. देश की अर्थव्यवस्था की जानकारी आसानी से मिलना
SENSEX किस तरह बनता है,

हमें ये बात पता है की सेंसेक्स, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का इंडेक्स है, अब सवाल है की सेंसेक्स बनता कैसे है, यानि इसकी गणना कैसे की जाती है ?

आप इस बात को ध्यान में रखे की सेंसेक्स बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पे लिस्टेड केवल 30 कंपनीज के शेयर्स के भावो से मिलकर बनता है, जबकि BSE में कुल 6000 से भी ज्यादा कंपनी के शेयर लिस्टेड है,

ऐसा क्यों ?

SENSEX की गणना में केवल 30 कंपनी के शेयर्स के भावो को शामिल करने के पीछे का कारण या है कि,

  • ये 30 कम्पनीज़ के शेयर्स सबसे ज्यादा ख़रीदे और बेचे जाते है,
  • ये 30 सबसे बड़ी कंपनीज होती है, जिनका मार्केट कैपिटलाइजेसन BSE में लिस्टेड सभी शेयर्स का लगभग आधा होता है,
  • और ये 30 कम्पनीज भी 13 अलग अलग इंडस्ट्रीज़ और SECTOR से चुनी जाती है, और ये कंपनीज अपने सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनी होती है.

अब एक और सवाल इन 30 कंपनीज को कौन चुनता है ?

इन 30 कंपनीज का चुनाव BSE की INDEX COMMITTEE द्वारा किया जाता है, इस कमिटी में सरकार, बैंक और बड़े अर्थषास्त्री को शामिल किया जाता है,

अब एक और सवाल , ये कमिटी किस आधार पर 30 कम्पनीज का चुनाव करती है ?

इंडेक्स कमिटी सेंसेक्स में शामिल करने के लिए 30 कंपनीज का चुनाव करते समय जो प्रमुख बातो का ध्यान रखती है, वो ये कि

  • शेयर कम से कम 1 या उस से ज्यादा समय से BSE पे LISTED हो,
  • पिछले एक साल में जितने दिन भी स्टॉक मार्केट ओपन होता है, उन सभी दिन उस कम्पनी का स्टॉक ख़रीदा और बेचा जाना चाहिए.
  • डेली औसत ट्रेड की संख्या और वैल्यू के हिसाब से ये कंपनीज TOP 150 कंपनीज में होनी चाहिए.
  • ये ३० कंपनीज अलग अलग 13 प्रमुख इंडस्ट्रीज़ और सेक्टर की हो.

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