स्माल कैप , मिड कैप, और लार्ज कैप Small Cap Mid Cap Large Cap

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स्माल कैप , मिड कैप, और लार्ज कैप Small Cap Mid Cap Large Cap 

हमने इस से पहले Market Capitalization के बारे में बात की थी, आज हम मार्केट कैप पर आधारित तीन अलग अलग महत्वपूर्ण concept को समझेंगे, और साथ ही साथ ये भी जानेंगे स्माल कैप, मिड कैप, और लार्ज कैप के क्या फायदे और नुकसान है,

स्माल कैप, मिड कैप, और लार्ज कैप Small Cap Mid Cap Large Cap 

भारत के दोनों सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज NSE जिसपे 1600 से ज्यादा कम्पनी लिस्टेड है और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज BSE जिसपे 5000 से भी ज्यादा कंपनी लिस्टेड है,

इन सभी लिस्टेड कंपनी को मार्केट कैप के आधार पर तीन अलग अलग भागो में बाटा जा सकता है- small cap mid cap large cap 

  • स्माल कैप कम्पनी
  • मिड कैप कम्पनी
  • लार्ज कैप कम्पनी

आइये अव इनके बारे में डिटेल में बात करते है-

स्माल कैप (Small Cap ) या स्माल कैप कम्पनी (Small Cap Companies)

आम तौर पर जिन कम्पनी का Market Capitalization या मार्केट कैप 1000 करोड़ तक होता है, वे सभी कंपनी स्माल कैप कम्पनी की श्रेणी में आते है, और इन्हें स्माल कैप शेयर या स्माल कैप कम्पनी कहा जाता है,

जैसे –  Aadhaar Ventures India Ltd, A2Z Infra Engineering Ltd.

मिड कैप (Mid Cap ) या मिड कैप कम्पनी (Middle Cap Companies)

आम तौर पर जिन कम्पनी का Market Capitalization या मार्केट कैप 1000 करोड़ से 10000 करोड़ तक होता है, वे सभी कंपनी मिड कैप कम्पनी की श्रेणी में आते है, और इन्हें मिड कैप शेयर या मिड कैप कम्पनी कहा जाता है,

जैसे – ABBOT INDIA, ADANI POWER LTD., ADITYA BIRLA FAISHON AND RETAIL LTD.

लार्ज कैप (Large Cap ) या लार्ज कैप कम्पनी (Large Cap Companies)

आम तौर पर जिन कम्पनी का Market Capitalization या मार्केट कैप 10000 करोड़ से ज्यादा होता है, वे सभी कंपनी लार्ज कैप कम्पनी की श्रेणी में आते है, और इन्हें लार्ज कैप शेयर या लार्ज कैप कम्पनी कहा जाता है,

जैसे –TATA MOTORS, HDFC BANK, INFOSYS, TCS,

स्माल कैप, मिड कैप, और लार्ज कैप (small cap mid cap large cap ) के फायदे और नुकसान

स्माल कैप, मिड कैप, और लार्ज कैप के फायदे और नुकसान को हम नीचे दिए गए टेबल की मदद से समझ सकते है,–

DIFFERENCE OF small cap mid cap large cap

DIFFERENCE OF small cap mid cap large cap

टेबल की मदद से हम ये स्पस्ट समझ आता है कि जहा

  • लार्ज कैप में कैपिटल इन्वेस्टमेंट बहुत सुरक्षित होता है, और रिस्क कम होता है , दूसरी तरफ लार्ज कैप में RETURN

ON INVESTMENT काफी कम होता है, क्योकि लार्ज कैप कंपनी अपने विकास के चरम सीमा पर होती है,

  • जबकि स्माल कैप कम्पनी में इन्वेस्टमेंट में निवेश की गई पूंजी के LOSS का रिस्क होता है, लेकिन यही पर कुछ SMALL CAP कंपनी में इन्वेस्टमेंट पर मिलने वाला लाभ बहुत ज्यादा होता है , क्योकि इन कम्पनी के पास विकाश के बहुत अधिक अवसर होते है

भारत की TOP 5 LARGE COMPANIES ,

AUGUST २०१८ में INDIA की मार्केट कैपिटल के अनुसार टॉप ५ कंपनी की लिस्ट इस प्रकार है, ध्यान दीजिए की ये लिस्ट बदलती रहती है ,

S.No  कंपनी के नाम  इंडस्ट्री सेक्टर मार्केट कैपिटल (करोड़ रूपये)
1 Reliance Refineries, Oil & Gas 5,59,480.91
2 TCS Software company 5,17,489.36
3 HDFC Bank Non public sector banking 4,70,080.66
4 ITC Hotels, Consumer products 3,18,419.60
5 SBI Public sector bank 2,87,619.92

SUMMARY

आप ऊपर दिए गए टेबल की मदद से अच्छी तरह समझ सकते है, और लार्ज कैप और मिड कैप तथा स्माल कैप के बीच के डिफरेंस को समझने के साथ आपके लिए किस तरह की कम्पनी में निवेश करना फायदेमंद है, ये भी समझ सकते है


अगर पोस्ट अच्छा लगा तो नीचे अपना कमेंट या सवाल जरुर लिखे,

6 Comments

  1. Dinesh parihar June 3, 2018
  2. Banzeer July 2, 2018
    • Deepak Kumar July 2, 2018
  3. rinku August 2, 2018
    • Deepak Kumar August 2, 2018
  4. Durgesh August 7, 2018

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