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Stock Market financial intermediaries

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Stock Market financial intermediaries

दोस्तो,
आज का हमारा Topic है, Stock Market financial intermediariesऔर आज के इस टॉपिक में हम जानेंगे –
financial intermediaries क्या है ?
Financial intermediaries के क्या काम है?
स्टॉक मार्केट में financial intermediaries का क्या ROLE है ?

अगर आपके मन मे भी financial intermediaries से सम्बंधित कुछ इस तरह के सवाल है, तो आप इस ARTICLE को पूरा देखते रहिये,
क्योंकि मैं आज आपसे इसी के बारे में बात करने वाला हु,

Financial intermediaries क्या है ?

Financial intermediaries का हिंदी अर्थ है – वित्तीय मध्यथ, financial intermediaries से हमारा मतलब उन संस्थाओ से है, जो स्टॉक मार्केट को बेहतर ढंग से चलाने में मदद करते है, और स्टॉक मार्केट पार्टिसिपेंट को स्टॉक खरीदने और बेचने के साथ, स्टॉक की डिलीवरी, और पैसे के लेंन देने के मुश्किल काम को भी बहुत आसन बना देते है,  जैसे – बैंक, स्टॉक ब्रोकर, और अन्य.

अगर दुसरे शब्दों में कहे तो, financial intermediaries स्टॉक मार्केट के Behind the picture काम करने वाली महत्वपूर्ण संस्थाए है,जिनकी Help से स्टॉक मार्केट में स्टॉक खरीदना और बेचना बहुत ही आसान हो जाता है.

आज हम यहाँ स्टॉक मार्केट के चार अलग अलग financial intermediaries के बारे में बात करेंगे,

बैंक BANK – financial intermediaries

स्टॉक मार्केट में बैंक का बहुत महत्वपूर्ण रोल है, बैंक की मदद से ही हमारा स्टॉक मार्केट में पैसो का व्यव्हार बिलकुल आसान और सुरक्षित हो जाता है,

बैंकिंग सुविधाओ – जैसे – इन्टरनेट बैंकिंग, NEFT, RTGS, IMPS की हेल्प से हम अपने ट्रेडिंग अकाउंट में फण्ड ट्रान्सफर कर पाते है, और स्टॉक खरीद पाते है, और जब हम स्टॉक बेचते है, तो बेचे गए स्टॉक का पैसा हमारे ट्रेडिंग अकाउंट में जमा हो जाता है, जिसे हम बाद में अपनी सुविधानुसार अपने बैंक में ट्रान्सफर कर सकते है,

यहाँ पर ध्यान देने वाली बात ये है कि-

  1. आप ट्रेडिंग अकाउंट में, अकाउंट खोलते समय बताये गए बैंक, यानि लिंक्ड बैंक से ही व्यव्हार कर सकते है,
  2. एक ट्रेडिंग अकाउंट को एक समय पर सिर्फ एक बैंक अकाउंट से लिंक किया जा सकता है,
  3. अगर आप अपने ट्रेडिंग अकाउंट में पहले से लिंक बैंक की बजाय अपने किसी दुसरे अकाउंट से फण्ड ट्रान्सफर लेना या देना चाहते है, तो आपको अपने स्टॉक ब्रोकर के पास, ट्रेडिंग अकाउंट में लिंक्ड बैंक चेंज करने इसकी लिखित request देनी होगी,

स्टॉक ब्रोकर – STOCK BROKER – financial intermediaries

स्टॉक मार्केट में स्टॉक ब्रोकर की माध्यम से ही हम कोई भी सौदा कर सकते है, कोई भी शेयर खरीदने और बेचने के लिहाज से स्टॉक ब्रोकर का रोल बहुत ही महत्वपूर्ण हो जाता है,

स्टॉक ब्रोकर क्या होता है, कैसे काम करता है, और क्या क्या सुविधाए देता है, इसके बारे में हमने पहले बात की है, वो आप नीचे दिए गए लिंक को ओपन करके पढ़ सकते है- LINK- स्टॉक ब्रोकर क्या होता है

DEPOSITORY AND DEPOSITORY PARTICIPANT

DEPOSITORY और DEPOSITORY PARTICIPANT (DP) वे संस्थाए है, जो ख़रीदे गए स्टॉक या शेयर को खरीदने वाले के नाम से उसके खाते में डिजिटल फॉर्म में स्टॉक को अपने पास जमा रखती है,

और जब खरीदने वाला , उन शेयर को बेचता है, तो वे शेयर खरीदने वाले के खाते से बेचने वाले के खाते में जमा कर दिया जाता है,

ये चीज़े हमें देखने को नहीं मिलती है, ये BEHIND THE SCENE वाले काम है, जिसकी हेल्प से हम आसानी से अपना शेयर खरीद और बेच सकते है,

 

स्टॉक या शेयर, किसी कंपनी में हमारी हिस्सेदारी का CERTIFICATE PAPER होता है, जो किसी प्रॉपर्टी के PAPER की तरह ही होता है, जिस तरह किसी प्रॉपर्टी का मालिक उसी को माना जाता है, जिसके नाम से पेपर है, वैसे ही किसी व्यकित के DEMAT ACCOUNT में जमा शेयर, ये बताते है कि उन शेयर्स का मालिक वह व्यक्ति है, जिसके खाते में शेयर्स जमा है,

1996 के बाद भारत में शेयर्स को DIGITAL FORM यानि DEMAT ACCOUNT में ही रखा जा सकता है, और इस तरह की DEMAT ACCOUNT की सुविधा देने वाली दो कंपनी है, जिन्हें DEPOSITERIES कहते है ,

  1. NSDL – (The National Securities Depository Limited (NSDL)
  2. CDSL -Central Depository Services (India) Limited

जिस तरह हम डायरेक्टली स्टॉक मार्केट से शेयर नहीं खरीदते, हमें स्टॉक मार्केट से शेयर खरीदने के लिए स्टॉक ब्रोकर के पास TRADING ACCOUNT खोलना होता है,

वैसे ही हम डायरेक्टली DEPOSITERIES के पास ACCOUNT खोल नहीं सकते, हमें DEMAT ACCOUNT खोलने के लिए हमें DEPOSITERIES PARTICIPANT (DP) के पास अपना DEMAT ACCOUNT खोलना होता है, जो हम किसी भी स्टॉक ब्रोकर के पास TRADING ACCOUNT खोलते समय DEMAT ACCOUNT खोल दिया जाता है,

DEMAT ACCOUNT के बारे में और जानकारी आप इस लिंक से पढ़ सकते है – LINK 

NSCCL AND ICCL – FINANCIAL INTERMEDIARIES.

NSCCL यानी National Security Clearing Corporation Ltd और ICCL यानी Indian Clearing Corporation are wholly दो National Stock Exchange और Bombay Stock Exchange की subsidiaries संस्थाए है,

स्टॉक मार्केट में, NSCCL और ICCL दोनों संस्थाए BEHIND THE SCENE काम करती है, हमें इनके बारे में ज्यादा कुछ जानकारी हासिल करने की जरूरत नहीं, NSCCL और ICCL के सम्बन्ध में कुछ चीज़े ध्यान रखने वाली बाते है –

  1. ये संस्थाए BUYERS और SELLERS के आर्डर को मैच करती है.
  2. ये संस्थाए इस बात को सुनिश्चित करती है, कि शेयर बेचने वाला , शेयर बेच दे और बाद में मुकर न जाये, या खरीददार मुकर खरीदने गए शेयर को लेने से एना मुकर जाये, ये किसी तरह के DEFAULT नहीं होने को सुनिश्चित करती है,

Financial intermediaries क्या है? – SUMMARY

अगर हम अपनी बात को SUMMARIZE करे तो, FINANCIAL INTERMEDIARIES वे संस्थाए होती है, जिनकी हेल्प से स्टॉक मार्केट में काम करना बिल्कुल आसान हो जाता है, फाइनेंसियल मध्यस्थ ज्यादातर मामलों में बिहाइंड थे सीन काम करते है,

दोस्तों,
आशा करता हु, कि आप समझ पाए, financial intermediaries क्या है ?, Financial intermediaries के क्या काम है?स्टॉक मार्केट में financial intermediaries का क्या ROLE है ?


अगर आर्टिकल अच्छा लगा तो इसे नीचे अपना कमेन्ट करना न भूले,
दोस्तों,आज बस इतना ही, अब मिलते है अगले ARTICLE में, तब तक के लिए , keep smiling, Keep learning and Keep Earning,

2 Comments

  1. pushpendra July 2, 2018
    • Deepak Kumar July 2, 2018

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