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STRUCTURE OF MUTUAL FUND IN INDIA-हिंदी गाइड PART -4

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STRUCTURE OF MUTUAL FUND IN INDIA

म्यूच्यूअल फण्ड कैसे बनाया जाता है –

STRUCTURE OF MUTUAL FUND IN INDIA– एक म्यूच्यूअल फण्ड निवेशक के लिए ये जानना जरुरी है कि वो ये समझे कि एक म्यूच्यूअल फण्ड कंपनी कैसे बनायीं जाती है, और MUTUAL FUND कंपनी द्वारा हमारे पास म्यूच्यूअल फण्ड ऑफर किस प्रकार पहुचाया जाता है,

STRUCTURE OF MUTUAL FUND को समझने से हमें ये फायदा होता है कि हम समझे पाते है, कि किसी म्यूच्यूअल फण्ड के पीछे कौन कौन से लोग और कौन कौन सी संस्था है, और उन्होंने पहले किस तरह का काम किया हुआ है, उनके द्वारा पहले किये गए BUSINESS या फाइनेंसियल सर्विसेज किस प्रकार की है, और उनका अनुभव कितना है, और साथ ही उनका ट्रैक रिकॉर्ड किस प्रकार का है,

और इस प्रकार STRUCTURE OF MUTUAL FUND को समझकर, हम निवेश का बेहतर निर्णय कर सकते है, और हमें हमेशा ये पता रहता है कि हमारा निवेश किन लोगो के हाथ में है,

Mutual Fund-Hindi Guide Part 1

Mutual Fund-Hindi Guide Part 2

Mutual Fund-Hindi Guide Part 3

Control,Framework and Structure of Mutual Fund in India

भारत में म्यूच्यूअल फण्ड एक Well regulated investment विकल्प है, और Mutual fund के ऊपर SEBI (Securities Exchange Board of India) का पूरा कण्ट्रोल है,

चूँकि म्यूच्यूअल फण्ड निवेश, निवेशको द्वारा निवेश के रूप में लगाये गे पैसो से जुड़ा हुआ विषय है, इसलिए India में SEBI ने म्यूच्यूअल फण्ड को सुव्यवस्थित, पारदर्शी, तथा संस्थागत रूप में चलाने के लिए, बहुत सारे नियम बनाये हुए है,

और इस तरह भारत में म्यूच्यूअल फण्ड संस्थाओ पर SEBI द्वारा बनाये गए RULES और REGULATION “MUTUAL FUND REGULATION 1996” लागु होता है,

सभी म्यूच्यूअल फण्ड संस्थाओ को इस REGULATION का पालन करना होता है,

आइये अब समझने की कोशिस करते है कि, सेबी “MUTUAL FUND REGULATION 1996 में किस तरह से MUTUAL FUND की स्थापना का निर्देश दिया हुआ है-

SETUP AND STRUCTURE OF MUTUAL FUND IN INDIA

SEBI द्वारा बनाये गए MUTUAL FUND REGULATION 1996 के अनुसार INDIA में किसी भी नए MUTUAL FUND के SET UP के लिए MUTUAL FUND को चार स्तर पर पे एक संगठन बनाना होता है,

  1. SPONSOR OF MUTUAL FUND
  2. TRUSTEE OF MUTUAL FUND
  3. ASSET MANAGEMENT OF COMPANY OF MUTUAL FUND
  4. CUSTODIAN OF MUTUAL FUND

आप इस बात को इस तरीके से भी समझ सकते है, किसी भी म्यूच्यूअल फण्ड के पीछे ये चार लोग (चार कंपनी, चार संगठना) अनिवार्य रूप से काम करती है,

अब आइये इन चार सगठनों और इनके साथ सहायक संगठन के रूप में काम करने वाले संस्था fund house, registrar and transfer agent (RTA), auditors और fund accountants , Distributor of mutual fund के बारे में थोड़े डिटेल में समझने की कोशिस करते है,

 

SPONSOR OF MUTUAL FUND

किसी भी म्यूच्यूअल फण्ड का “SPONSOR” म्यूच्यूअल फण्ड का MAIN BODY होता है,

जिस तरह किसी कंपनी की स्थापना में प्रोमोटर सबसे प्रमुख व्यक्ति होता है, वैसे किसी म्यूच्यूअल फण्ड Sponsor एक प्रमोटर की तरह ही होता है,

जैसे – आईसीआईसीआई म्यूच्यूअल फण्ड का SPONSOR है – ICICI Bank and Prudential.

और BIRLA SUN LIFE MUTUAL FUND का SPONSOR है – Aditya Birla Financial Services and Sun Life (India) AMC Investments Inc.

अगर किसी म्यूच्यूअल फण्ड के sponsor की जिम्मेदारी की बात की जाये तो, म्यूच्यूअल फण्ड सही तरह से काम करता रहे इसमें उसके प्रमोटर का बहुत बड़ा योगदान होता है,

प्रमोटर का मुख्य काम, विभिन्न शर्तो को पूरा करते हुए SEBI के पास म्यूच्यूअल फण्ड की स्थपाना के लिए, TRUST का गठन और उसका सेबी से APPROVAL सबसे प्रमुख काम होता है,

साथ ही साथ SPONSOR की जिम्मेदारी ये भी होती है की सेबी की शर्तो को पूरा करते हुए COMPANY ACT के अनुसार AMC की स्थापना भी करे

SEBI ने म्यूच्यूअल फण्ड के SPONSOR के लिए कुछ स्पेशल गाइडलाइन्स और ELIGIBILITY CRITERIA निर्धारित किया हुआ है, आप इस इसे सेबी की वेबसाइट पर नीचे दिए लिंक को OPEN करके पढ़ सकते है,

SEBI – SPONSOR CRITERIA

TRUSTEE OF MUTUAL FUND

म्यूच्यूअल फण्ड में TRUSTEE का मुख्य काम होता है कि- वह इस बात को सुनिश्चित करे की , म्यूच्यूअल फण्ड, द्वारा  निवेशको के हितो की पूरी तरह से सुरक्षा हो, और साथ ही साथ म्यूच्यूअल फण्ड SEBI द्वारा बनाये गए नियमो का ठीक ढंग से पालन करे,

TRUSTEE के निर्माण कैसे होता है, ये आप SEBI की वेबसाइट पर पढ़ सकते है,

साथ ही अगर हम बात करे की TRUSTEE का मुख्य काम क्या होता है ?

तो TRUSTEE का मुख्य काम, ASSET MANAGEMENT COMPANY (AMC) के साथ इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट अग्रीमेंट करना होता है, और ये तय करना होता है कि AMC किस तरह काम करेगी, और उसे किन किन बातो को ध्यान में रखना है, जिस से की निवेशको की सुरक्षा के साथ SEBI द्वारा बनाये गए नियमो का पालन हो सके,

TRUSTEE इस बात को सुनिश्चित करता है, कि AMC के पास आवश्यक हर तरह की सुविधा उपलब्ध हो, जिस से वह अपनी पूरी रिसर्च और बेहतर तरीके से निवेश कर सके, साथ ही ट्रस्टी द्वारा AMC का CEO, फण्ड मेनेजर और एनालिस्ट की भी नियुक्ति की जाती है,

TRUSTEE द्वारा AMC के बनाये गए सभी स्कीम की APPROVAL दी जाती है, और साथ TRUSTEE द्वारा QUARTERLY BASE पर AMC द्वारा किये जाने वाले सभी तरह के TRANSACTION को VERIFY करना होता है, और उसका रिपोर्ट सेबी को देना होता है,

Asset Management Company (AMC) 

AMC म्यूच्यूअल फण्ड का इन्वेस्टमेंट मैनेजर होता है, AMC द्वारा ACTIVE रूप से MARKET में निवेश किये जाने से सम्बंधित सभी तरह के रिसर्च और एनालिसिस किये जाते है,

जैसे –, HDFC MUTUAL फण्ड की ASSET MANAGEMENT COMPANY है – HDFC AMC

जैसे हमने पहले देखा AMC की स्थपाना TRUSTEE या SPONSOR द्वारा SEBI के APPROVAL से की जाती है,

AMC के अन्दर कुछ प्रमुख पद होते है – CIO यानी CHIEF INVESTMENT OFFICER, दूसरा FUND MANAGER, और तीसरा ANALYST, और COMPLIANCE OFFICER,

और ये सभी अपने काम करते हुए, सेबी द्वारा बनाये गए सभी गाइडलाइन्स और रूल्स को फॉलो करते है,

Custodian of म्यूच्यूअल फण्ड

custodian जैसे की नाम से ही समझ आता है, म्यूच्यूअल फण्ड का ये वो हिस्सा (body) है, जो म्यूच्यूअल फण्ड की AMC द्वारा ख़रीदे जाने वाले सभी तरह के शेयर और securities को अपनी CUSTODY यानि निगरानी में रखता है,

और म्यूच्यूअल फण्ड का CUSTODIAN इस बात को सुनिश्च्ति करता है, कि सभी शेयर और SECURITIES बिल्कुल सुरक्षित है,

Registrar and Transfer Agent (RTA) 

म्यूच्यूअल फण्ड का एक और भाग (BODY) होता है – Registrar and Transfer Agent (RTA) , इसके भी नाम में इसका अर्थ समझ आता है- RTA म्यूच्यूअल फण्ड के सभी नए APPLICATION को APPROVAL को देखने के साथ UNIT को रजिस्टर, और ट्रान्सफर करने के साथ साथ म्यूच्यूअल फण्ड  यूनिट सेल यानी म्यूच्यूअल फण्ड रिडेम्पशन के प्रोसेस को भी कम्पलीट करता है,

The auditors of Mutual Fund

म्यूच्यूअल फण्ड का एक और भाग (BODY) होता है – Auditors

जैसा कि नाम से स्पस्ट है, ऑडिटर्स म्यूच्यूअल फण्ड के AMC द्वारा कीए जाने वाले सभी तरह के TRANSACTION की जांच यानी ऑडिटिंग के लिए जिम्मेदार होता है,

The fund accountants of mutual fund

म्यूच्यूअल फण्ड का एक और भाग (BODY) होता है –  Fund Accountant

Fund accountant का मुख्य काम होता है, म्यूच्यूअल फण्ड की NAV को उसके पास सभी सम्पतियो और दायित्वों के आधार पर मूल्य निश्चित करना,

 

SUMMARY :  STRUCTURE OF MUTUAL FUND IN INDIA

कोई भी MUTUAL FUND एक नाम (MAIN BODY) होता है, उसके पीछे काम करने वाले उसके बहुत सारे भाग (PART OF BODY)होते है, जिनको हम SPONSOR, TRUSTEE, AMC, Custodian, RTA, और अन्य नामो से जानते है,

कहने का मतलब ये है कि , कई अलग अलग संस्थाओ को मिलाने के बाद  एक म्यूच्यूअल फण्ड तैयार होता है, और इसमें सभी एक दुसरे के लिए जवाबदेह हो जाते है, और जिस से किसी तरह की धोखाधड़ी की गुंजाइश ना के बराबर हो जाती है,

और इन सब के ऊपर SEBI होता है, जो किसी तरह के गड़बड़ की पकड़ तुरंत कर लेता है, और उसको तुरंत ठीक करने का पूरा प्रयास करता है,

इस तरह एक निवेशक को ये समझना चाहिए कि म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश एक सुरक्षित निवेश है, जिसमे कोई म्यूच्यूअल फण्ड कंपनी, बंद होने की स्थिति में अपने सभी निवेशको को पैसा लौटा देती है,

इस तरह किसी भी निवेशक द्वारा म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश, एक भरोसेमंद, और सुरक्षित निवेश माना जा सकता है,

दोस्तों,अगर आर्टिकल अच्छा लगा तो  नीचे अपना कमेन्ट करना न भूले,
keep smiling, Keep learning and Keep Earning,

One Response

  1. Imran October 1, 2018

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