The Psychology of Money in Hindi [ Timeless Lesson by Morgan Housel ]

The Psychology of Money in Hindi

Short Story

आगे बढ़ने से पहले एक छोटी सी रियल लाइफ स्टोरी को जरा ध्यान से समझिए,

स्टोरी है – Ronald James Read नाम के एक बिल्कुल आम आदमी की,
जो एक बहुत ही आम आदमी की तरह से हाई स्कूल ग्रेजुएट होता है,

जो 25 साल तक एक पेट्रोल पंप पे आम आदमी की तरह से काम करता है,

जो 38 की उम्र में एक 12 हजार डॉलर का घर खरीदता है,

और पूरी जिन्दगी उसी घर में रहता है बाद में एक जैनिटर यानि watchman की नौकरी करता है,

और लकड़ी काटना उसका एक और खास शौक है, ५० साल की उम्र उसकी पत्नी का देहांत हो जाता है, वो दूसरी शादी नहीं करता, और watchman की नौकरी करता है, या फिर लकड़ी काटता है,

और इस तरह बिल्कुल आम जिन्दगी जीता है, लेकिन 92 साल की उम्र में जब २०१४ में Ronald James Read की डेथ होती है,

तो पता चलता है कि उसके पास कुल ८ मिलियन डॉलर यानि 50 से 60 करोड़ रूपये का नेट वर्थ छोड़ गया है,

और मरने से पहले उसने वसीयतनामा भी बना रखा है,

जिसमे लिखा हुआ था कि मरने के बाद उसकी दौलत से २ मिलियन उसके सौतेले बेटे और दुसरे दोस्तों को दिया जाये, और बाकी 4.८ मिलियन एक हॉस्पिटल को और १.२ मिलियन डॉलर एक लाइब्रेरी को दिए जाए,

और इस तरह एक आदमी, जिसके पास कोई खास डिग्री नहीं, कोई बहुत बड़ी नौकरी नहीं, बिज़नस नहीं, फिर भी उसने करोडो रूपये बनाया और उसका दान करके अपना नाम इतिहास में एक बहुत बड़े दानवीर के रुपे में दर्ज किया,

ऐसा कैसे हुआ ? कैसे इस आम आदमी ने करोडो रूपये जमा कर लिए थे, इसके बारे में आगे बात करेंगे,

लेकिन आइये एक और दुसरे व्यक्ति की रियल लाइफ स्टोरी को देखते है, जिसका नाम है – Richard Fuscone,

जिसके पास दुनिया के सबसे बड़े कॉलेज और एजुकेशनल इंस्टीट्यूट से Master in Business MBA की डिग्री थी,

और जो एक बहुत बड़ा बिज़नस मैन बना, बड़े बड़े लोग उसकी काबिलियत की तारीफ करते थे, और जो कि ४० की उम्र तक इतना दौलत बना लिया कि उसे पूरी जिन्दगी काम करने की कोई जरुरत नहीं थी,
In short Richard Fuscone एक बहुत ही सफल और बहुत ही अमीर आदमी बन चूका था,

और इतना बड़ा आदमी होने के बाद उसने 18000 Sq. ft का एक समंदर के किनारे शानदार , आलिशान घर बनाया, जिसके लिए उसे बहुत बड़ा लोन भी लिया था,

उसके इस घर में ११ बाथरूम और दो लिफ्ट थे, उस घर के एक महीने का खर्चा था ९० हजार डॉलर, लगभग 60 लाख रूपये हर महीने,

इतना बड़ा अमीर आदमी होने के बाद, 2008 में जो आर्थिक मंदी आई उसके बाद, जो हुआ , वो उसने कभी सोचा भी नहीं होगा,

उसे बहुत सारा नुकसान हुआ, और इतना नुकसान की वो बैंक से लिए हुए लोन को चूका नहीं सकता था, और इसके लिए उसके लिए उसे अपने आपको दिवालिया घोषित करना पड़ा .

उसका वो आलिशान घर, उसकी सभी शानदार गाड़ी, सब कुछ बिक गया, और इतना हाईली educated, फाइनेंस और बिज़नस का महारथी आदमी सड़क पे आ गया, दिवालिया हो गया,

अब सवाल है, ऐसा कैसे हुआ,

कैसे एक आदमी Ronald James Read ने बिना किसी खास डिग्री, बिना किसी खास नौकरी, बिना किसी खास बिज़नस के करोड़ो रूपये जमा कर लिए,

जिसे आज दुनिया एक बहुत बड़े दानवीर और निवेशक के रुप में जानती है ? और क्या ये सच है ? और आप इस से क्या सिख सकते है ?

और कैसे हार्वर्ड से पढ़े लिखे अमीर इन्सान ने अपना सब कुछ गवा दिया ?

सबसे पहले मै आपको बता दू कि – ये दोनों भी सच्ची घटना है, Ronald James Read जो आम आदमी होते हुए, के बारे में आप गूगल और विकिपीडिया पे डिटेल में पढ़ सकते है,

अब दूसरा सवाल है – ऐसा कैसे हुआ ?

तो इसका जवाब है – Ronald James Read के पास पेशेंस था, धैर्य था, उसने अपनी कमाई का एक हिस्सा जो निवेश किया था, उसने लम्बे समय में Compounding के लाभ से कई गुना ज्यादा हो चूका था,

जी हा, सिम्पली, कुछ बहुत ही नार्मल, कॉमन सेंस इन्वेस्टिंग जो उसने लम्बे समय के लिए किया था, और उस निवेश के साथ ज्यादा छेड़ छाड़ नहीं की, लम्बे समय तक इन्तेजार किया, उसने करोडो रुपे बना लिए,

लेकिन दूसरी तरफ एक बंदा, जो बिज़नस, फाइनेंस , पैसे के बारे में इतना कुछ जानता था, जिसने करोड़ो रूपये कमाए, बड़े बड़े बिज़नस किया, उस बन्दे को अपने आपको दिवालिया घोषित करना पड़ा,

और इसके पीछे कारण था – उसका लालच, ढेर सारा पैसा यु ही खर्च करते रहने की आदत, फिजूलखर्ची, दुनिया के प्रति, पैसे के प्रति उसकी सोच, उसका ओवर कॉन्फिडेंस, जरूरत से बहुत ज्यादा रिस्क और पैसे के प्रति उसका व्यवहार,

अब सवाल है कि –
आप इन दोनों घटनाओ और इस कहानी से क्या सिख सकते है ?

सीख क्या है ? (Lesson to Learn)

तो सबसे पहले तो आप अगर ध्यान से देखे, तो आपके आस पास ऐसी हजारो रियल लाइफ स्टोरी, रियल लाइफ घटना देखने को मिल जाएगी, जिसमे आप देखेंगे कि –
एक टाइम में बहुत अमीर रहे, बड़े बड़े घर और बड़ी बड़ी गाडियों के मालीक लोग भी सड़क पे आ जाते है, उनका सब कुछ बिक जाता है, आर्थिक रूप से बर्बाद हो जाते है,

जबकि दूसरी तरफ, आप देखेंगे कि – बहुत ही कम पढ़े लिखे लोग, बिना किसी खास डिग्री, नौकरी, के भी बहुत अच्छी और बहुत संतुष्ट लाइफ जीते है, और एक समय बाद उनके पास बहुत सारा पैसा बना लेते है, और गरीब से अमीर बन जाते है,

आप अपने आस पास के ऐसे बहुत सारे लोगो को भी देख सकते है, कई बार बहुत ही समझदार, बहुत ही सेंसिबल, और बहुत ही जानकार लोग आर्थिक रूप से बहुत पीछे होते है, कर्ज में डूबे होते है,

दूसरी तरफ, एक पानीपूरी वाला, एक छोटा मोटा कारोबार करने वाला जिसके पास कोई डिग्री, कोई ज्यादा पैसे या बिज़नस, यां बैंकिंग और इन्वेस्टमेंट का ज्ञान नहीं फिर भी वो बहुत सारा पैसा बना लेता है, उसके ऊपर कोई कर्ज नहीं होता, बल्कि वो दुसरे सो कॉल्ड अमीर और कर्ज में डूबे लोगो को उधार देता है, उनकी हेल्प करता है,

अगर आपको अपने हाथ के नीचे काम करने वाले व्यकित से कभी उधार लेने की जरूरत पड़ी होगी, तो इसे भी आप इस घटना की तरह से समझ सकते है,
कि आखिर ऐसा क्यों होता है?

क्यों बहुत सारे अच्छे खासे पढ़े लिखे, educated समझदार, बिज़नस, बैंकिंग और इन्वेस्टिंग के बारे में बहुत कुछ जानने वाले लोगो की अक्सर फाइनेंसियाल हालत क्यों ख़राब रहती है?
अगर आपके पास इस तरह कोई एक्सपीरियंस है, स्टोरी है तो कमेंट में जरुर शेयर करे,

फ़िलहाल बात करे कि हमने जो शुरुआत में दोनों कहानी और घटना देखी, तो इस घटना या इस कहानी से हम क्या सीख सकते है ?

तो सबसे पहली बात आप इस बात को समझे कि ये एक सच्ची घटना है, और ऐसी हजारो स्टोरी हमारे आस पास भी होती है, अमीर समझदार बिजनेसमैन लोग कर्ज में डूब जाते है, सड़क पे आ जाते है,

और एक आदमी, जिसके पास बहुत ही कम ज्ञान है वो व्यक्ति भी बहुत कुछ हासिल कर लेता है, ऐसा होता रहा है, और आगे भी ऐसा होता रहेगा,

और यहाँ पर इस किताब The psychology of money in Hindi  के इंट्रोडक्शन पार्ट से जो पहला और बहुत बड़ा लेसन है, वो यही है कि –
Doing well with money has a little to do with how smart you are and a lot to do with how you behave.

And behavior is hard to teach, even to really smart people.

Financial Success में Psychology का रोल,

फाइनेंसियल सक्सेस के लिए ये जरुरी नहीं है कि – आप कितने समझदार हो, आप फाइनेंस, बैंकिंग , इन्वेस्टमेंट, और पैसे के विषय के बारे में कितना कुछ जानते है, बल्कि जरुरी ये है कि आप रियल लाइफ में करते क्या हो?

आपका रियल लाइफ में वास्तविक व्यव्हार क्या है?

और क्योकि आपको कब कैसे व्यवहार करना है, कब कैसा behavior नहीं करना है, ये न सीखना आसान है और न ही सिखाना आसान है,

इन्सान को आजादी और आजाद ख्याल, अपनी मनमर्जी पसंद है, और अक्सर वो यही करता है, मतलब ज्यादातर हम सभी अपनी मर्जी के मालिक होते है और अपने भावनाओ के हिसाब से चलते है, न कि किताबो में लिखी अच्छी बातो के हिसाब से,

एक लाइन में कहे तो –
Phycology of Money इस बुक के इंट्रोडक्शन पार्ट से पहला इम्पोर्टेन्ट लेसन ये है कि-

किस भी तरह के ज्ञान, चाहे वो कोई सब्जेक्टिव ज्ञान हो , फाइनेंसियल एजुकेशन, इन्वेस्टमेंट हो या किसी भी तरह के ज्ञान का आपके फाइनेंसियल सक्सेस या फेलियर से बहुत कम लेना देना है,

आपका, और हम सभी का फाइनेंसियल सक्सेस, सिर्फ इस बात से तय करता है कि – रियल लाइफ में हम कैसा behavior रखते है, फाइनेंसियल सक्सेस के लिए आपका व्यवहार आपके ज्ञान से मैच करना चाहिए,

ज्यादातर लोग तो जानबूझ कर, फाइनेंसियल मिस्टेक करते है,
वे जानते है कि – उन्हें वो चीज नहीं करनी चाहिए, वो दुसरे को सलाह देंगे कि इस तरह के फाइनेंसियल मिस्टेक मत करो, पैसे बचाओ, पैसे बर्बाद मत करो, इन्वेस्टमेंट करो, Compounding का लाभ उठाये , लेकिन वे खुद वही मिस्टेक करेंगे…

Key Lesson from The Book Pshycology of Money in Hindi

यहाँ परे key lesson है –

Your behavior with money is more, more important than any kind of knowledge including financial knowledge,

इसे, इस तरह से कहा जा सकता है कि – Any kind of Success, including financial success is more and more depend on your daily real life disciplines, rather than the knowledge you have.

अगर आप अभी भी इस पॉइंट को अच्छी तरह नहीं समझ पा रहे है कि ऐसा कैसे, क्यों ऐसा कहा जा रहा है कि –

Doing well with money has a little to do with how smart you are and a lot to do with how you behave.
And the problem is behavior is hard to teach, even to really smart people.

तो आइये थोडा इसे डिटेल में समझते है और कुछ एक्साम्प्ल से समझते है कि ऐसा क्यों कहा जा रहा है कि –

आप देखेंगे कि –

ज्यादातर लोग भावनात्मक रुप से मजबूत नहीं होते, और अक्सर ऐसा देखा जाता है, पैसे के बारे में हम जो Theoretically जानते है, हम जो Technically समझते है, अक्सर रियल लाइफ में उसका उल्टा ही करते है, या कुछ दूसरा करने की कोशिस करते है, और सारा गडबड यही से शुरू होता है,

बहुत अच्छे पढ़े लिखे, समझदार और sincere लोग भी, अक्सर जो सही चीज है, जिसके बारे में उन्हें ज्ञान है कि ये चीज नहीं करना है, फिर भी रियल लाइफ में वही करते है जो उन्कहें नहीं करना चाहिए ,

जैसे –
हम जानते है कि हमें फिजूलखर्ची नहीं करनी चाहिए, लेकिन रियल लाइफ करते क्या है, – ठीक इसका उल्टा,खर्च, खर्च और खर्च, आमदनी एक बार और खर्च बार बार, कम पड़े क्रेडिट कार्ड और ये सिलसिला चलता रहता है,

आम आदमी की तो बात ही छोडिए- आप अच्छे खासे MBA की डिग्री हासिल किये हुए, बड़े बड़े फाइनेंस, और बैंकिंग या इन्वेस्टमेंट फर्म में काम करते हुए लोगो को भी ऐसी गलती करते देख सकते है,

अगर आप हमारे Youtube Channel/Blog पर पहले से जुड़े है तो आपको मालुम होगा कि मै कई बार Compounding के बारे में बात करता हु कि –

किस तरह से आप सिर्फ हर महीने १००० या २००० रूपये बचा कर भी लम्बे समय में उसका किसी इंडेक्स फण्ड या किसी दुसरे मुत्जुअल फण्ड में इन्वेस्टमेंट करके लम्बे समय में ३० से 40 साल के समय में करोडो रूपये बना सकते है,

लेकिन कितने लोग ऐसा करते है – बहुत कम, शायद हजार में कोई एक…

हम जानते है कि – हमें हर महीने अपनी आमदनी का कम से कम १०% हिस्सा या इस से ज्यादा जितना आपके लिए comfortable हो उतना पैसा हर महिना जरुर बचत करना चाहिए और उसका सही तरह से निवेश करना चाहिए,

लेकिन कितने समझदार लोग ऐसा करते है, बहुत कम

हम जानते है कि हमें हर महीने एक बजट बना कर अपने आमदनी ,अपने पैसे, अपने खर्च को मैनेज करनी चाहिए,

लेकिन कितने लोग बजट बनाते है, १०० में मुश्किल से 5 या १० लोग,

इसके आलावा,
हम जानते है कि – इन्सुरांस कितना इम्पोर्टेन्ट है, Term insurance या फिर medical Insurance,

लेकिन कितने लोग प्रॉपर इन्सुरांस लेते है – बहुत ही कम, हजार में १

इसी तरह से,
हम ये भी जानते है कि बिना अच्छी तरह से सीखे बिना , रिस्क मैनेजमेंट सीखे बिना, बिना अनुभव हासिल किये बिना आपको स्टोक मार्किट में सीधा ट्रेडिंग या इन्वेस्टिंग नहीं करना चाहिए,

लेकिन कितने लोग मानते है – बहुत कम,

ज्यादातर लोगो के पास जब थोड़ा पैसा जमा होने लगता है,

तो उस पैसे को फटाफट बढाने के चक्कर में, जल्द से जल्द बहुत सारा पैसा कमा कर अपने बड़े बड़े सपनो को पूरा करने के चक्कर में बिना स्टॉक मार्किट के बारे में प्रॉपर सीखे, अनुभव लिए, रिस्क मैनेजमेंट को फॉलो किया बिना सीधा किसी Youtuber ,या किसी दुसरे लोगो के बड़े बड़े प्रॉफिट स्क्रीन शोर्ट को देख कर, अपना पूरा पैसा स्टॉक मार्किट में या इन्वेस्ट करते है या फिर ट्रेड करते है

और जल्द ही जब सारा पैसा गवा देते तो फिर ऐसे केस में वे मार्किट से फाइट करते है और जब तक वे इस हकीकत को समझते है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है, वे बहुत कुछ गवा चुके होते है,

तो ये है पहला इम्पोर्टेन्ट लेसन जो बताता है कि –
फाइनेंसियल सक्सेस के लिए ये जरुरी नहीं है कि – आप कितने समझदार हो, आप फाइनेंस, बैंकिंग , इन्वेस्टमेंट, और पैसे के विषय के बारे में कितना कुछ जानते है, बल्कि जरुरी ये है कि आप रियल लाइफ में करते क्या हो?

आपका रियल लाइफ में वास्तविक व्यव्हार क्या है?

2nd Important Lesson from Pshycology of Money by Morgan Housel

इसके बाद इंट्रो पार्ट से दूसरा इम्पोर्टेन्ट लेसन है –
A genius who loses control of their emotions can be a financial disaster.

The opposite is also true.

Ordinary folks with no financial education can be wealthy if they have a handful of behavioral skills that have nothing to do with formal measures of intelligence.

वास्तव में पैसो का लालच, खोने जाने का डर, और अपनी भावनाओ पर काबू नहीं करना पाने से अच्छे अच्छे समझदार लोग को बड़े बुरे तरीके से बर्बाद हो जाते है,

जैसा अपने पहले लेसन में देखा,

समझदार लोग जानते है कि – क्या सही है, उन्हें क्या करना चाहिए, लेकिन फिर भी परिस्थितयो में फास कर , और अपने डर, लालच और भावनाओ को कण्ट्रोल नहीं करने से अक्सर वे वो चीज ही करते है जो उन्हें नहीं करना चाहिए,

जैसे – हाई इंटरेस्ट पे लोन नहीं लेना चाहिए,

खास तौर से स्टॉक मार्केट में इन्वेस्टमेंट या ट्रेडिंग करने के लिए, लेकिन जब लोग स्टॉक मार्केट इन्वेस्टिंग में थोड़ा या बड़ा लोस कर लेते है ,

और अपने बचत के पैसे, अपने बैंक बैलेंस गवा देते है, तो उसे खोये हुए पैसे को वापस पाने के लिए वे लोन लेकर वापस से ट्रेडिंग या इन्वेस्टिंग करते है, जो उन्हें बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए ये बात वे जानते है,

लेकिन फिर भी करते है, और ऐसा करने से वे लोन पे लिया हुआ पैसा भी गवा देते है, और फिर अच्छे खासे संतुष्ट फाइनेंसियल लाइफ से कर्ज के दललदल में फ़स जाते है, अपने आपको आर्थिक रूप से बर्बाद कर लेते है

और इसलिए यहाँ पे लेसन ये है कि –

पैसे के मामले में आपको अपने भावनाओ पे कण्ट्रोल करना सीखना होगा, याद रखना होगा कि –
भावनाओ पर काबू नही रखने से हमें बाद में कितना पछताना पड़ सकता है,
क्योकि जब हम अपने मन का कण्ट्रोल गवा देते है, अपने इमोशन अपनी भावनाओ को काबू नहीं कर पाते है,

तो अपने आपको सही साबित करने के लिए, बहुत ज्यादा रिस्क लेकर अपनी अच्छी खासी फाइनेंस लाइफ को बर्बाद कर लेते है,
तो ये गलती आप न करे, सबक ले, समझे कि psychology of money या पैसे का मनोविज्ञान क्या कहता है, आप पैसे के बारे कोई भी फैसला दिल से, या भावना में आकर न ले,

बल्कि सच्चाई को समझे, फैक्ट को चेक करे, कुछ गलती हुई हो तो एक्सेप्ट करे, उस गलती को छुपाने की कोशिस न करे, बस दुबारा वो गलती ना करे, यही सबक है,

3rd Lesson from the Book Psychology of Money in Hindi

और तीसरा लेसन ये है कि-
आपको पैसे के मामले अपने ज्ञान पर भरोसा नही करना कि – आप सब कुछ जानते है, आपको सब पता है, आपको इस भ्रम में बिल्कुल नहीं रहना है कि – आपको बैंकिंग इन्वेस्टमेंट, इन्सुरांस या तमाम फाइनेंसियल मैटर के बारे में सब पता है,

बल्कि आपको अपने अन्दर झाक कर ये देखना है कि –
क्या आपको जो पता है, क्या आपके पास जो ज्ञान है, आप उसके हिसाब से ही काम कर रहे है, या कुछ और कर रहे है,
जैसे –

आप जानते है कि – पर्सनल खर्चो और शौक को पूरा करने के लिए लोन लेना, क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करना काफी बुरा है, लेकिन आप रियल लाइफ में क्या कर रहे है, कही ऐसा तो नहीं कि आप जाने अनजाने आप भी जो आप जानते है उसका उल्टा ही कर रहे है,

दूसरा, हम जानते है कि compounding की हेल्प से बहुत सारा वेल्थ , धन क्रिएट किया जा सकता है लॉन्ग टर्म में, तो क्या आप वो इन्वेस्टमेंट कर रहे है या नहीं,

दोस्तों याद रखिए,
पैसे के मामले ये गलती बहुत अच्छे अच्छे और समझदार लोगो से हो जाया करती है … लोग सही चीज के बारे जानते है लेकिन करते कुछ और है,

लेकिन क्योकि आप ये लेसन अब जान चुके है, आपको psychology of money या पैसे का मनोविज्ञान के बारे में ये सबक  इस बुक समरी से मिल चूका है, तो आई हॉप कि आप ये गलती नहीं करेंगे….

तो आज ही चेक करे, बैठ कर देखे, कि आप पैसे के बारे में जो भी आप सही मानते है, क्या आप वही कर रहे है या कुछ और ?
अगर कुछ और तो तुरंत सावधान हो जाये….और ये कुछ और करना बंद करे…
और वही करे ..जो सच्चाई है …जो आपके लिए सही सही है, सबके लिए सही है …

तो दोस्तों…
इस Post में बस इतना ही …. अगले पोस्ट में अगले चैप्टर से कुछ और बहुत ही इम्पोर्टेन्ट लेसन के बारे में देखेंगे…

इस पोस्ट के बारे में विचार आप नीचे कमेन्ट में जरुर लिखे  ,

 

2 Comments

  1. Sourabh July 13, 2021
  2. Sajid saifi August 8, 2021

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