महंगाई क्या होती है [What is Inflation] By Sharemarkethindi.com

महंगाई क्या होती है [What is Inflation]

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महंगाई क्या होती है [What is Inflation]

महंगाई को इंग्लिश में इन्फ्लेशन (inflation) कहा जाता है,

और महंगाई का बहुत ही सिम्पल और सीधा सा अर्थ है,

समय बढ़ने के साथ साथ, बस्तुओ और सेवाओ की कीमतो का बढ़ जाना,

महंगाई का दूसरा मतलब ये भी है कि,

रूपये की कीमत में कमी आ जाना,

यानि एक तरफ – जहा महंगाई से बस्तुओ और सेवाओ की कीमते बढती है, तो दूसरी तरफ रूपये की कीमत कम हो जाती है,

महंगाई – Example

आइए इसे एक एक्साप्ल की मदद से समझते है –

आपने देखा होगा –

हमारे देश में पेट्रोल  की कीमत सन 2000 से पहले 25 से 30 रूपये लीटर हुआ करता था,

लेकिन आज २०१८ में  पेट्रोल की कीमत है , 75 से 80 रूपये लीटर ,

और अगर मै आपसे पुछु –

कि – पेट्रोल के दाम 18 साल में  30 रूपये से सीधा 80 रुपयों, कैसे और क्यों हो गया?

तो आपका सीधा सा जवाब होगा –कि पेट्रोल की कीमते महंगाई के कारण बढ़ती जा रही है,

यानि आप इस बात को समझते है –

किसी भी अर्थव्यवस्था यानि एकोन्मिच्स में समय के साथ,बस्तुओ और समानो की कीमते बढती है,

तो चलिए एक बात तो क्लियर है की –महंगाई के कारण , समय के साथ बस्तुओ की कीमत बढ़ जाती है,

जैसे पेट्रोल के भाव, पिछले 18 साल में 25 रपये से बढ़ कर 80 रूपये हो गया है.

महंगाई से रूपये की कीमत कम हो जाती है

लेकिन दूसरी तरफ,

अगर आप ध्यान दे, तो सन 2000 में जब पेट्रोल की कीमत 25 से 30 रूपये लीटर हुआ करता था, तब आप अपनी बाइक में 100 रूपये के नोट से 4 लीटर पेट्रोल भरा सकते थे,

जबकि आज उसी 100 रूपये के नोट से आपको बहुत मुश्किल से सवा लीटर पेट्रोल मिलता है,

इसका मतलब है कि –

सन 2000 में जो 100 रूपये की कीमत थी,

आज उसकी कीमत काफी कम हो गई है,

यानी, अगर आपने सन 2000 के 100 रुपये के नोट कही छूपा के रखा होगा,

तो,100 रूपये का नोट तो आज भी 100 रुपया ही कहा जायेगा,

लेकिन उस 100 रूपये के नोट सेआप जितना सामान हम सन 2000 में खरीद सकते थे,

उतना सामान आज नहीं खरीद सकते है,

और इस से एक बात अच्छे से समझ आती है कि –

महगाई बढ़ने से ,रूपये में खरीदने की शक्ति कम हो जाती है,

महंगाई – अर्थव्यस्था का एक हिस्सा है

दोस्तों, महगाई या इन्फ्लेशन किसी भी अर्थव्यवस्था का एक बहुत खास हिस्सा है,

और इसलिए आज के इस टॉपिक हम महंगाई यानि इन्फ्लेशन और इसके प्रभाव और कारणों को समझने की कोशिश कर रहे है ,

ताकि इस महंगाई नाम के राक्षस या डाइन से बचा जा सके,

दोस्तों,

जैसा हमने जो पेट्रोल के example में देखा,

उस example पर एक बार फिर आप ध्यान दीजिए,

कि महंगाई वास्तव में क्या कर रही है ?

आप महंगाई को सही से समझने की कोशिस करेंगे तो आप समझ पाएंगे कि –

महंगाई दो काम कर रही है –

एक तरफ जहा महंगाई ने पेट्रोल की कीमत बढ़ा दिया,

और दूसरी तरफ हमारे 100 रूपये की कीमत को कम कर दिया,

और इसी कारण महंगाई को ऐसा राक्षस या डाइन कहा जाता है –

जो जिन्दा होने पर भी मारती है, और मरे हुए को भी मारती है,

और महंगाई एक ऐसी चीज है, जिसे आप दो धारी तलवार भी कह सकते है, जो आपको दोनों तरफ से चोट पंहुचा सकती है,

एक तरफ चीजो का दाम बढ़ा कर,

और दूसरी तरफ आपके जेब में पड़े पैसे की कीमत को कम करके,

और इसलिए,

आपके महंगाई को सही तरह से समझना और महंगाई से लड़ने की आपके पास पूरी तयारी होनी चाहिए,

क्योकि आप तैयार है या नहीं, इस बात से महंगाई को कोई फर्क नहीं पड़ता है,

महंगाई हमेशा आपको चोट पहुचाने की कोशिश करती करेगी,

महंगाई नियंत्रण में होना जरुरी है,

दोस्तों,

ध्यान दीजिए –

महंगाई अपना काम करती जा रही है, और समय के साथ महंगाई बढती ही जाएगी,

क्योकि हमारी अर्थव्यवस्था ही ऐसी बनाई गई है, कि महंगाई का कंट्रोल्ड तरीके से बढ़ते रहना भी जरुरी होता है,

लेकिन कभी कभी सरकार की गलत नीतियों के कारण महगाई काफी तेजी से बढ़ जाती है, जिस से अर्थव्यस्था में कीमते जल्दी जल्दी बढ़ जाती है,

लेकिन हर अर्थशास्त्री मानते है कि –

एक विकासशील देश जैसे – भारत के लिए , अर्थ्यव्यस्था के विकास के अनुपात में नियंत्रित महंगाई का होना जरुरी होता है,

दोस्तों,

महगाई या इन्फ्लेशन किसी भी अर्थव्यस्था का मूल कांसेप्ट होता है, और ये एक बहुत बड़ा टॉपिक है, जिसे एक POST में कवर कर पाना मुश्किल है,

लेकिन इस POST से मै आपको सिर्फ ये बताना चाहता हु कि –

महंगाई यानि इन्फ्लेशन को आप बिलकुल हल्के में मत लीजिए,

महंगाई को समझने की कोशिस करीए, और महंगाई से जितने की हमेशा तयारी करीए,

क्योकि अगर आप महंगाई से लड़ने के लिए तैयार नहीं है, आप अपने निवेश पर महगाई से ज्यादा लाभ नहीं कमा रहे है तो आपको काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है,

साथ ही आप देखंगे की –

बढती हुइ महंगाई के कारण ही हम, आज अपने माता पिता से अधिक सैलरी कमाने के बावजूद, पैसो को लेकर अक्सर परेशांन रहते है,

आइए एक और example लेते है, शायद आप इस example से बेहतर तरीके महगाई और इसके प्रभाव को अच्छे से समझ पाए,

मान लीजिए,

आज से 25 साल, पहले मेरे पिताजी 1995 में 3000 रूपये की सैलरी कमाते थे, और आज मैने अपनी नौकरी की शुरुआत में 20 हजार रूपये कमा रहा हु,

तो सवाल ये है कि –

क्या मै अपने पिताजी से ,जो आज 20 साल पहले कमाते थे, उनसे ज्यादा कमा पा रहा हु या नहीं ?

तो इसका जवाब,

आप चाहे जो भी दे, लेकिन सच्चाई ये है कि –

भले ही, ऊपर से देखने पर ये समझ आता है कि – पिता जी ३००0 कमाते थे, और आज मै 20 हजार कमा रहा हु, यानी वैसे तो अपने पिता जी से लगभग 7 गुना ज्यादा कमा रहा हु,

लेकिन , ध्यान देने वाली बात ये है की इस 25 साल में लगभग हर साल 8 % से महगाई बढ़ चुकी है, और इसलिए अगर मै इसमें, महगाई के कारण जो पैसे के कीमत में कमी आइ है, उसे अपनी सैलरी की वास्तविक कीमत निकालू तो

ये समझ आता है कि – जो कीमत आज से 25 साल पहले ३ हजार रूपये की हुआ करती थी,

बिलकुल वही कीमत 8 % से महगाई  बढ़ने के कारण आज – 20 हजार रूपये की है,

यानि वास्तव में,

पिताजी, अगर ३००० कमाते थे, और आज मै 20 हजार कमा रहा हु,

दोनों वास्तव में बराबर है,

क्यों – क्योकी महगाई जो बढ़ी है, मै सिर्फ महगाई के कारण, रूपये की मूल्य में जो कमी आई है, उसी कारण से 20 हजार रूपये कमा पा रहा हु,

देखा आपने,

ये है महंगाई का असर, और इस महगाई को नहीं समझने से आज भी हम उतना ही कमा रहे है, जितना हमारे पिता जी आज से 25 साल पहले कमा लेते थे,

और शायदअब आप महगाई और उसके प्रभाव को सही तरह से समझ पाए होंगे, कि वास्तव में आप पिताजी से 7 गुना ज्यादा कमाने के बावजूद भी, आपकी आर्थिक स्थिति इतनी बुरी क्यों है?

 

महंगाई दो धारी तलवार है

दोस्तों,

जैसे मैंने पहले कहा – महगाई एक दो धारी तलवार है,

जो एक तरफ सामन और सेवाओ की कीमते बढाती है, तो दूसरी तरफ रूपये की कीमत को कर देती है,

और इसलिए,

हमें इस महगाई से निपटने के लिए कुछ जरुरी तयारी करनी ही होगी,

वर्ना, महगाई नाम का ये राक्षस, हमारे सारे पैसो को खा जायेगा,

और हम कुछ भी नहीं कर पाएंगे,

और आइये अब ये समझने की कोशिस करते है कि –

महंगाई से हम कैसे बचे, या महंगाई के प्रभावों को कैसे कम किया जाये ?

तो दोस्तों,

महगाई से निपटने का एक ही रास्ता है,

आप जितने भी पैसे की बचत करते है , उस पैसे को एक ऐसी जगह पे निवेश करना चाहिए, जहा आपको महगाई से ज्यादा का लाभ हो,

जैसे – अगर महंगाई 8 प्रतिशत से बढ़ रही है, तो आपको अपने बचत के पैसे पर कम से कम 8% लाभ तो कैसे भी कमाना ही पड़ेगा, ताकि आप अपने पैसे की कीमत को बढती महंगाई के बराबर कीमत पर ला सके,

इसके आलावा आपको अपने बचत के पैसे का निवेश, ऐसे निवेश के विकल्पों में करना होगा, जिसमे आपको 8 प्रतिशत से ज्यादा का लाभ मिलता हो,

ताकि आपके बचत का पैसा महगाई की मार से बच सके, और साथ ही आपका पैसा, ज्यादा धन कमा सके,

और आप वास्तव में अमीर बन सके,

जैसे – अगर आपको पता है कि –

भारत में महगाई यानि इन्फ्लेशन की दर 8 % है, और आपने अपना सारा पैसा बैंक में फिक्स्ड डिपाजिट में ही रखा है, तो इसका मलतब है, आपका पैसा 9 साल में दोगुना तो हो जायेगा,

लेकिन साथ ही महगाई भी दोगुना हो चुकी होगी,

और इस कारण आप अपने आज के बचत के पैसे से 9 साल बाद  उतना ही खरीद पाएंगे, जितना कि आज खरीद पा रहे है,

और इसलिए

आपको अपने बचत के निवेश को अलग अलग निवेश के विकल्प जैसे कि –

म्यूच्यूअल फण्ड में लम्प सम निवेश,

या म्यूच्यूअल फण्ड में sip निवेश,

या स्टॉक मार्केट में निवेश को सिख कर स्टॉक मार्केट में निवेश करना चाहिए,

ताकि आप अपने बचत के पैसे को महगाई से बचा सके और 8 प्रतिशत से ज्यादा लाभ कमा सके


तो दोस्तों,

उम्मीद करता हु, आप समझ पाए होंगे कि महंगाई यानि इन्फ्लेशन क्या होता है और इसके क्या प्रभाव  है,

और अगर POST अच्छा लगा तो अपने सवाल या विचार को कमेंट में जरुर लिखिए ,

और एंड में थैंक्स फॉर READING


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  1. Hindi Wire December 7, 2018

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